हाय रे ये मजबूरी… पति के अंतिम संस्कार के लिए तीन दिन …

जबलपुर। नयी बस्ती मेजर किराना स्टोर के समीप रहने वाला 55 वर्षीय हीरा कोरी टीवी की बीमारी से पीड़ित था और उसका उपचार विक्टोरिया चिकित्सालय के टीवी वार्ड में चल रहा था लेकिन तीन दिन पूर्व उसकी उपचार के दौरान मौत हो गयी।

मौत की सूचना अस्पताल प्रबंधन ने रांझी पुलिस को दी। रांझी पुलिस ने उसकी पत्नी से संपर्क किया तो महिला सियाबाई इतनी बेबस नजर आयी कि वह अपने पति के अंतिम संस्कार के लिए तीन दिनों तक भटकती रही इस बीच उसकी पति की लाश तीन दिन तक विक्टोरिया चिकित्सालय के मरचुरी में रखी रही। हीरा कोरी मजदूरी करता था और उसकी माली हालत काफी खराब थी जिसके चलते महिला अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए यहां वहां भटकती रही।

इनका एक बेटा भी है जो शहर से बाहर है उसे फोन लगाने पर वह फोन ही नहीं उठा रहा। आज सुबह महिला को कहीं से जानकारी लगी कि गरीब नवाब कमेटी के लोग ऐसे मामलों में मदद करते हैं जिसके चलते महिला ने उनसे संपर्क किया तो गरीब नवाब कमेटी के इनायत अली, अशफाक, मो. जीशान आदि वहां पहुंच गए और उन्होंने महिला के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। अस्पताल में मौजूद लोगों ने भी महिला की आर्थिक मदद की।

जिसके बाद कमेटी के सदस्यों ने महिला के पति का अंतिम संस्कार उसके हाथों कराया। बताया गया है कि मृतक का एक भाई इंदौर में भी रहता है और मजदूरी करता है। कल उसे फोन किया था लेकिन वह जब आस सुबह तक नहीं पहुंचा तो पत्नी ने ही अपने पति का अंतिम संस्कार किया।

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