हाईटेक होगी रथयात्रा की सुरक्षा, पहली बार 3D मैपिंग तकनीक और ड्रोनरोधी प्रणाली से होगी निगरानी
हाईटेक होगी रथयात्रा की सुरक्षा, पहली बार 3D मैपिंग तकनीक और ड्रोनरोधी प्रणाली से होगी निगरानी अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त प्रेम वीर सिंह ने कहा कि रथयात्रा में अनधिकृत मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) को गिराने के लिए मार्ग में भारी संख्या में कर्मियों तैनात किया जाएगा और ड्रोनरोधी तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 146वीं रथयात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में पहली बार 3डी मैपिंग तकनीक और ड्रोनरोधी प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि रथयात्रा का आयोजन 20 जून को किया जाएगा। अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त प्रेम वीर सिंह ने कहा कि रथयात्रा में अनधिकृत मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) को गिराने के लिए मार्ग में भारी संख्या में कर्मियों तैनात किया जाएगा और ड्रोनरोधी तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
उन्होंने कहा, गुजरात में पहली बार रथयात्रा में पूरे मार्ग और विशेष रूप से रणनीतिक बिंदुओं पर 3डी मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल कर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि किसी स्थान की त्रि-आयामी रूपरेखा बेहतर दृश्यता और सूचना प्राप्त करने में मदद करती है। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि रथ यात्रा के दौरान अनधिकृत ड्रोन का इस्तेमाल नहीं हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पहली बार एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा, राज्यभर में 198 रथयात्राएं निकाली जाएंगी। मुख्य रथयात्रा के साथ अकेले अहमदाबाद में छह छोटी शोभायात्राएं निकाली जाएंगी।
हाईटेक सुरक्षा से चप्पे-चप्पे की निगरानी
रथयात्रा के 20 किलोमीटर के मार्ग की निगरानी के लिए 2,322 ‘बॉडी वियर कैमरों’ और सीसीटीवी और जीपीएस प्रणाली वाले 25 वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि कुल 26,091 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा, जिनमें पुलिस और अर्द्धसैनिक इकाइयां शामिल हैं और उन्हें 45 स्थानों पर स्थित 94 सीसीटीवी कैमरों से सूचनाएं प्रदान की जाएंगी। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को होने वाली यात्रा के लिए पुलिस तैयारियों की समीक्षा की।

