इंदौर। ग्राम पलास्याहाना स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर संपत्ति विवाद में जूनी इंदौर तहसीलदार श्री सुदीप मीणा द्वारा 10 अगस्त 2021 को दिए गए फैसले को अपर कलेक्टर श्री पवन जैन ने खारिज कर दिया।
अपर कलेक्टर ने सूओ मोटो (स्वत: संज्ञान) पुनरीक्षण के दौरान पाया कि तत्कालीन पुजारी महंत रामकृष्णदास गुरू जगन्नाथ दास द्वारा अवैध कब्जा किया गया एवं खेड़ापति हनुमान की संपत्ति को अपनी निजी संपत्ति बताया।
अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा गलत तरीके से जमीन का डायवर्सन कर दिया गया। अपर कलेक्टर ने अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं। दोषी अधीक्षक भू-अभिलेख के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई इसकी सूचना नहीं दी गई।
इंदौर खेड़ापति मंदिर विवाद- अपर कलेक्टर ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पुनरीक्षण किया
इंदौर कलेक्टर कार्यालय द्वारा प्रेस को बताया गया कि खेड़ापति मंदिर के तत्कालीन पुजारी महंत रामकृष्णदास गुरू जगन्नाथ दास द्वारा अवैध कब्जा किया गया था।
उक्त प्रकरण में तहसीलदार जूनी इंदौर को शासन हित में मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता, 1959 की धारा 248 के अंतर्गत निराकरण किया जाना था।
जो उनके द्वारा नहीं किया जाना पाया गया। तब उक्त प्रकरण को अपर कलेक्टर श्री पवन जैन द्वारा स्वत: संज्ञान में लेते हुये पूरे मामले का पुनरीक्षण किया गया।

