हंगामे के बीच चार लाइनों के दो बयान और संसद में सभी हो गए ‘मौन’

नई दिल्ली राज्यसभा में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित बयान को लेकर शीतकालीन सत्र के प्रारंभ से जारी गतिरोध आज सदन के नेता अरूण जेटली के बयान के बाद दूर हो गया। जेतली ने कहा कि देश के लिए मनमोहन की प्रतिबद्धता को लेकर कोई सवाल ही नहीं उठता। हम इन लीडर्स और देश के प्रति उनके योगदान और त्याग को उच्च सम्मान देते हैं।
राज्यसभा में आज भोजनावकाश के बाद सदन के नेता अरूण जेतली ने कहा कि विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि चुनाव में सभी पक्षों की ओर से तमाम बयान दिए गए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी की देश के लिए प्रतिबद्धता को लेकर कोई सवाल नहीं उठा सकता है।
नेता प्रतिपक्ष आजाद ने कहा कि वह सदन के नेता के बयान पर आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान यदि किसी ने ऐसा बयान दिया है जिससे प्रधानमंत्री की गरिमा की कम होती हो तो उनकी पार्टी उस बयान से खुद को संबद्ध नहीं करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई भी बयान कांग्रेस को स्वीकार नहीं है। जेटली और आजाद के बयानों के बाद सदन में सामान्य ढंग से कामकाज चलने लगा।
उल्लेखनीय है कि शीतकालीन सत्र शुरू होने के साथ ही कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के खिलाफ दिए गए बयान के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी से माफी मांगने और स्पष्टीकरण देने की मांग करते हुए भारी हंगामा किया था जिसके कारण सदन की कार्यवाही बार बार बाधित हो रही थी।






