स्वास्थ्य सूचकांक : नौ राज्यों में छत्तीसगढ़ नंबर वन
रायपुर। नीति आयोग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में स्वास्थ्य सूचकांकों के आधार पर छत्तीसगढ़ को देश के नौ सफलतम राज्यों (एचिवर्स स्टेट्स) की सूची में पहले नंबर पर शामिल किया है। अन्य राज्यों में गुजरात, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और तेलांगना शामिल हैं। इनके अलावा केरल, पंजाब और तमिलनाडु को अग्रिम पंक्ति के राज्यों की श्रेणी में रखा गया है।

आयोग ने स्वस्थ राज्य-प्रगतिशील भारत शीर्षक से यह रिपोर्ट जारी की है। इसमें आधार वर्ष 2014-15 और संदर्भ वर्ष 2015-16 लिया गया है। रिपोर्ट में केंद्र सरकार के सैम्पल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस), स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 (एनएफएचएस-4) के आंकड़े लिए गए हैं।
इन्हीं आंकड़ों के आधार पर राज्यों की रैंकिंग की गई है। इसमें राज्यों का श्रेणीकरण तीन प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों के आधार पर किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इन सूचकांकों में स्वास्थ्य सेवाओं के परिणाम, शासन प्रणाली और सूचना तंत्र तथा स्वास्थ्य सूचकांकों से संबंधित कुछ प्रमुख बिंदु और प्रक्रिया शामिल हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ का एकीकृत सूचकांक (कम्पोजिट इंडेक्स) 48.63 से बढ़कर 52.02 तक पहुंच गया है।
लिंगानुपात में दूसरे नंबर पर
सरकार ने दावा किया है कि बालकबालिका जन्म के समय लिंगानुपात के मामले में केरल के बाद छत्तीसगढ़ दूसरे नंबर पर है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2005-06 में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-3 में छत्तीसगढ़ राज्य में शिशुओं के जन्म के समय बालक-बालिका लिंगानुपात प्रति 1000 बालकों पर 972 था, जो वर्ष 2015-16 के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के अनुसार बढ़कर प्रति 1000 बालकों पर बालिकाओं की संख्या 977 हो गया है।

