MP PACS Mega Campaign: एमपी में 30 जून तक चलेगा पैक्स सदस्यता अभियान, जुड़ेंगे 10 लाख नए किसान; मोबाइल ऐप से होगा लेन-देन
MP PACS Mega Campaign: एमपी में 30 जून तक चलेगा पैक्स सदस्यता अभियान, जुड़ेंगे 10 लाख नए किसान; मोबाइल ऐप से होगा लेन-देन। मध्य प्रदेश के किसानों और सहकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों का एलान किया है। गुरुवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS – पैक्स) में नए सदस्यों को जोड़ने के लिए 30 जून, 2026 तक विशेष सदस्यता अभियान चलाया जाए।
इस अभियान का मुख्य लक्ष्य राज्य में 10 लाख नए सदस्यों (किसानों) को जोड़ना है। इस उच्च स्तरीय बैठक में सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
1. मोबाइल ऐप से होगा पैक्स (PACS) का लेन-देन, MP देश में आगे
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पैक्स के जरिए होने वाले सभी वित्तीय लेन-देन को और अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के लिए जल्द ही एक विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाए।
- 100% कम्प्यूटराइजेशन पूर्ण: समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत मध्य प्रदेश की सभी 4,536 पैक्स समितियों का शत-प्रतिशत कम्प्यूटराइजेशन का काम पूरा कर लिया गया है।
- इस उपलब्धि के साथ योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश पूरे देश में अग्रणी (पहले स्थान पर) बना हुआ है। जल्द ही किसान अपने मोबाइल ऐप से ही समितियों के साथ ट्रांजेक्शन कर सकेंगे।
2. अगले 3 साल में सुदृढ़ होंगे सभी कमजोर जि
MP PACS Mega Campaign: एमपी में 30 जून तक चलेगा पैक्स सदस्यता अभियान, जुड़ेंगे 10 लाख नए किसान; मोबाइल ऐप से होगा लेन-देन सहकारी बैंक
मुख्यमंत्री ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों की माली हालत सुधारने के लिए की जा रही कोशिशों की सराहना की और एक बड़ा टारगेट सेट किया:
- पहले चरण का सुधार: पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश के 18 कमजोर जिला बैंकों में से 6 की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। अब सरकारी अंश पूंजी (Share Capital) की मदद से रीवा, सतना, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर और दतिया के जिला बैंकों को और मजबूत किया जा रहा है।
- अगला टारगेट: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अगले चरण में भिंड, मुरैना, रायसेन, सागर, सीधी और नर्मदापुरम जिला सहकारी बैंकों के सुदृढ़ीकरण (Revival) का काम तेजी से किया जाए, ताकि अगले 3 वर्षों में कोई भी बैंक कमजोर न रहे।
सवा लाख नए KCC और दुग्ध समितियों का गठन
किसानों को आसान लोन और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े और लक्ष्य साझा किए गए:
- KCC का लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग को हर साल 1.25 लाख (सवा लाख) नए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) स्वीकृत करने का लक्ष्य दिया है।
- दुग्ध समितियों का जाल: राज्य में श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के लिए 1,102 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है, जिससे अब कुल सक्रिय समितियों की संख्या 5,562 हो गई है। वित्तीय समावेशन के तहत डेयरी उद्योग से जुड़े 76 हजार सदस्यों के खाते जिला सहकारी बैंकों में खुलवाए गए हैं।
- बीज उत्पादन: बीज उत्पादक सहकारी संस्थाओं ने पिछले 2 वर्षों में 14 लाख क्विंटल प्रमाणित बीजों का रिकॉर्ड उत्पादन और विपणन (Marketing) किया है।
राष्ट्रीय स्तर की 3 बड़ी संस्थाओं के साथ MP का मेगा ‘MoU’
मध्य प्रदेश के सहकारिता क्षेत्र को वैश्विक और राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए राज्य के सहकारी संघों ने केंद्र सरकार की तीन नई राष्ट्रीय समितियों के साथ महत्वपूर्ण समझौते (MoU) किए हैं:
- भारतीय बीज सहकारी समिति लि. (BBSSL): इस समझौते से राज्य में 17 करोड़ रुपये का बिजनेस आया है और 844 पैक्स इसके सदस्य बन चुके हैं।
- राष्ट्रीय सहकारी आर्गेनिक लि. (NCOL): जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए हुए इस समझौते से प्रदेश की 1,335 पैक्स समितियां जुड़ चुकी हैं।
- राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लि. (NCEL): किसानों के उत्पादों को विदेशों में एक्सपोर्ट करने के लिए हुए इस एमओयू से 1,612 पैक्स जुड़ चुके हैं, जहां फिलहाल एक्सपोर्ट किए जाने वाले लोकल प्रॉडक्ट्स की पहचान की जा रही है।

