सुरक्षा संस्थानों में दूसरे दिन भी पसरा रहा सन्नाटा।
अपनी चौकियों पर तैनात रहे हड़ताली स्वयंसेवक
जबलपुर विशेष प्रतिनिधि। रक्षा संस्थानों में आहूत तीन दिनी हड़ताल के दूसरे दिन सी ओ डी छोड़ कर सभी जगह सन्नाटा पसरा रहा। चाहे जीसीएफ हो या खमरिया व्हीकल फैक्ट्री हो या जीआईएफ किसी भी संस्थान में कोई कर्मचारी आज गेटो पर नहीं पहुंचा। पहले दिन माहौल देखने जैसी भी? भी आज कर्मचारियों की नजर नहीं आई ।कर्मचारियों ने हड़ताल के मद्देनजर अपने परिवार के साथ अन्य कार्यक्रम बना लिए। कोई परिवार के साथ कुंभ चला गया, तो किसी ने पिकनिक का कार्यक्रम बना लिया और उन स्थानों पर चले गए ।शादियों का भी मौसम होने से कुछ कर्मचारी रिश्तेदारी में भी कार्यक्रम में शामिल होने चले गए । केवल सीओडी में तनावपूर्ण स्थिति रही।लेकिन आज वहां कोई भी कर्मचारी संस्थान के अंदर नहीं गया। सभी फेडरेशन के राष्ट्रीय स्तर के नेता वहां पहुंचे और उन्होंने कर्मचारियों को समझाइश दी। कर्मचारी ने मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ संस्थान के स्थानीय नेताओं से नाराजगी है ।चाहे वह किसी भी यूनियन के होंं। बाहर हाल आज सीओडी में कोई भी कर्मचारी डिपो मे नहीं गया। 506 आर्मी वर्कशॉप में भी कतिपय पूर्व सैनिकों को छोड़कर कोई भी सिविल सिविलियन कर्मचारी संस्थान के अंदर नहीं गया। कुल मिला कर दो प्रमुख मांग, नई पेंशन नीति को समाप्त करने और रक्षा संस्थानों को बचाने के लिए सभी कर्मचारी एकजुट नजर आए ।जानकारी के अनुसार हड़ताली स्वयंसेवक दिन रात अपने संस्थानों के गेटों पर डटे हुए हैं ।यहां तक कि गेट में लगे टेंट मे खाना ,नहाने से लेकर आराम आदि कर रहे हैं ।व्हीएफजे के रामकुमार बख्शी रमेश श्रीवास्तव मनोज मर्फे, कमल चौहान ,भवानी पटेल संतोष सोनी, अजय विश्वकर्मा ,के. एस राणा ,अमरीश सिंह ,मनोज तिवारी ,आशीष दुबे एवं श्रीनिवास कुमार सभी गेटो पर बारी-बारी से निगरानी कर रहे हैं ।बताया गया कि आज राजपत्रित ग्रुप बी के अधिकारी भी सहयोग की भूमिका में नजर आए। उल्लेखनीय है कि ग्रुप बी राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन ने भी हड़ताल का समर्थन किया था ।खमरिया फैक्ट्री में शरद अलवाल रामप्रवेश पुष्पेंद्र सिंह सुभाष निर्भय पटेल अजय चौहान आदि ने बताया कि कोई भी कर्मचारी आज गेट की तरफ नहीं आया। सभी कार्यकर्ता अपनी अपनी बारी से निगरानी कर रहे हैं ।जीआईएफ में मनोज साहू, श्री राम मीणा ,रवि रंजन पांडे ,राकेश दुबे ,ओपी शर्मा, अविनाश भटकर आदि सुबह से कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे ।जीसीएफ में ए के वर्मा रोहित यादव आशीष विश्वकर्मा गोपाल आनंद राजा पांडे सिद्धार्थ सिंह अविनाश कामले आदि प्रत्येक चौकियों पर घूम घूम कर स्थिति पर नजर रखे हैं। 506 आर्मी बेस वर्कशॉप में अशोक तिवारी ,नरेंद्र कोचर, बिहारी लाल विश्वकर्मा, आदि के साथ एसडी बनर्जी जी एस भाटिया इंद्रभान सिंह आरके सोनी अनिल रविदास एवं राजेंद्र नामदेव आदि अपने स्वयं सेवक साथियों के साथ गेट पर ही मोर्चा लगाए हैं।ए आई डी ई एफ के अध्यक्ष एसएन पाठक ने कहा कि कर्मचारियों में जबरदस्त एकता प्रदर्शित हो रही है ।यूनियनों के विचारों में भले ही मतभेद हो लेकिन वर्तमान परिस्थितियों की गंभीरता को उन्होंने समझा और यह मजदूरों में एकता का महत्व पूर्ण संदेश देता है।
बाक्स
सी ओ डी मे बड़े नेताओं ने संभाली स्थिति
तीन दिनी हड़ताल के दूसरे दिन भी सी ओ डी में तनातनी रही। कतिपय लोगों ने कर्मचारियों को को भड़काने के उद्देश्य से पत्थरबाजी की। जिससे वहां माहौल गर्म हो गया। पत्थरबाजी में एक दो लोगों के घायल होने की भी खबर है। खबर लगते ही पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया और तमाम 3 फेडरेशनो के बड़े नेता भी मौके पर पहुंचे। जिनमें एसएन पाठक बी गुहा ठाकुरता, अरुण दुबे ,जय मूर्ति मिश्रा, नरेंद्र तिवारी आदि ने कर्मचारियों से चर्चा की। चर्चा में कर्मचारियों ने संस्थान के स्थानीय नेताओं पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारी की कोई भी समस्या हो। किसी भी यूनियन का कोई भी नेता उन्हें सुलझाने की कोशिश नहीं करता है। बहरहाल सारे कर्मचारी मांगों के औचित्य को समझते हैं और उसकी गंभीरता को भी जानते हैं ।लेकिन स्थानीय नेताओं के चलते ऐसा हो रहा है। जिस पर बड़े नेताओं ने उन्हें समझाइश दी। समझाइश के बाद सभी कर्मचारी अपने अपने घरों की ओर प्रस्थान कर गए। साथ ही उन्होंने बड़े नेताओं से वादा किया कि वह कल तीसरे दिन हड़ताल में अपना पूर्ण समर्थन देंगे।
…………………………………………………..








