कटनी। कोतवाली के मिशन चौक क्षेत्र स्थित बस स्टॉप में कार्टून व बोरे में बंद मिली महिला सुमन पटेल के शव का कल गुरूवार को आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अंतिम संस्कार किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कल सुमन पटेल के शव को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया।
जिसके बाद पिता उसके शव को लेकर गांव गया और सुमन पटेल का अंतिम संस्कार किया गया। इसके पूर्व पुलिस अधीक्षक मिथिलेश शुक्ला कल गुरूवार की दोपहर पत्रकारवार्ता में मामले से पर्दा उठाने के पूर्व नगर पुलिस अधीक्षक एम.पी.प्रजापति, कोतवाली प्रभारी शैलेष मिश्रा व सेंट्रल स्कवाड प्रभारी उपनिरीक्षक बुंदेलधर द्विवेदी के साथ संतोष सरावगी के घर पहुंचकर घटनास्थल का मौका मुआयना किया।
इसके बाद नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वारदात का खुलासा कर दिया। पत्रकारवार्ता में पुलिस अधीक्षक मिथिलेश शुक्ला ने बताया कि जिस महिला ग्राम टिकरिया निवासी सुमन पटेल की हत्या की गई है। वह महिला गांधीगंज निवासी सतीश सरावगी नामक युवक के साथ बांदकपुर में प्रेम विवाह करने के बाद से रह रही थी।
इस बीच एक अन्य महिला से दुष्कर्म के आरोप में सतीश सरावगी जेल चला गया। इसके बाद महिला सतीश सरावगी के पिता संतोष सरावगी से 25 लाख रुपए की मांग कर रही थी। ससुर ने रुपए तो महिला को नहीं दिए लेकिन भविष्य में महिला को संपत्ति नहीं देने पड़े इसलिए उसने हत्या कराने का षड़यंत्र रचा। महिला की हत्या करने में ससुर का साथ उसके गोंदिया निवासी साढ़ू भाई संपत अग्रवाल और नागपुर निवासी उसके साथी अनिल शेंडे ने दिया। तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। महिला की हत्या करने के बाद संतोष सरावगी ने संपत अग्रवाल को 15 हजार रुपए दिए थे।
बाकी की राशि खाते में ट्रांसफर करने की बात कही थी। एसपी ने बताया कि तीनों आरोपी वारदात को अंजाम देने के पूर्व जेल में बंद महिला के पति सतीश सरावगी से मिलने भी गए थे। लिहाजा उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक विवेचना में तीन आरोपी सामने आए हैं लेकिन आगें आरोपियों की संख्या बढ़ भी सकती है। उधर सुमन पटेल की मर्डर मिस्ट्री सुनकर लोग अवाक रह गए।
10 हजार का नगद ईनाम मिलेगा पुलिस टीम को
उल्लेखनीय है कि पुलिस अधीक्षक मिथिलेश शुक्ला ने इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रूपए का नगद ईनाम घोषित किया था। आरोपियों को पकड़ने में नगर पुलिस अधीक्षक एम.पी.प्रजापति, कोतवाली थाना प्रभारी शैलेष मिश्रा, एनकेजे थाना प्रभारी मंजू शर्मा, उपनिरीक्षक अनिल कांकड़े, सतीश डोंगरे, एम.एल.चौधरी, सेंट्रल स्कवाड प्रभारी बुंदेलधर द्विवेदी, सहायक उपनिरीक्षक गोपाल विश्वकर्मा, आरक्षक लालजी यादव, वीरेन्द्र तिवारी, नितिन जायसवाल, रविन्द्र दुबे, दीपक तिवारी, राजेश उइके, सैनिक श्रवण मिश्रा की भूमिका सराहनीय रही। इस पूरी पुलिस टीम को पुलिस कप्तान के द्धारा घोषित नगद ईनाम दिया जाएगा।
सीसीटीवी कैमरों व आरक्षकों की मेहनत से सुलझा अंधा हत्याकांड
पुलिस अधीक्षक मिथिलेश शुक्ला ने पत्रकारवार्ता में बताया कि सुमन पटेल के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सीसीटीवी कैमरों और विभाग के कुछ जाबांज आरक्षकों की भूमिका उल्लेखनीय रही। एसपी के मुताबिक विवेचना के दौरान न केवल शहर के मुख्य चौराहों व तिराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बल्कि रिक्शा चालक शैलेन्द्र सिंह जिन रास्तों से होकर कार्टून लेकर मिशन चौक तक आया था उन रास्तों में लोगों के घरों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। वहीं मामले की विवेचना से जुड़े आरक्षकों ने भी मेहनत की और बिना पुलिस अधिकारियों के दिशा निर्देश पर अपने स्तर पर साक्ष्य जुटाने में लगे रहे। जिसके कारण ही पुलिस इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सफल हो सकी।








