सालियों के साथ सैलून में किया सफर, फंसे DRM
ग्वालियर। ग्वालियर दौरे पर आए डीआरएम अशोक कुमार मिश्र को अपने रिश्तेदारों को सैलून में सफर कराना परेशानी का सबब बन गया है। इस संबंध में रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को ट्विटर पर शिकायत दर्ज कराई गई है। जिसमें सैलून में बिना टिकट सालियों को यात्रा कराने की बात कही गई है। ट्वीट के बाद प्रयागराज से दिल्ली तक हड़कंप मच गया है। गुरुवार को स्थिति यह हो गई कि डीआरएम को खुद टिकट ट्विटर पर पोस्ट कर बताना पड़ा कि रिश्तेदारों ने बकायदा फर्स्ट क्लास का टिकट लेकर सैलून में सफर किया था।
डीआरएम झांसी अशोक कुमार मिश्र बीते रोज विशेष सैलून से विंडो निरीक्षण के लिए ग्वालियर आए थे। उनके साथ पत्नी भी थीं। इस दौरान उन्होंने ग्वालियर में प्लेटफार्म नंबर एक से चार तक और बिरला नगर स्टेशन का निरीक्षण किया था। उसके बाद महाकौशल एक्सप्रेस से झांसी के लिए रवाना हो गए थे। लौटते समय उनके कुछ रिश्तेदार भी सैलून में सवार थे। जिसको लेकर विनय नगर निवासी जितेन्द्र सिंह ने ट्विटर पर रेल मंत्री और चेयरमैन रेलवे बोर्ड से शिकायत दर्ज कराई। जिसमें डीआरएम की सालियों को बिना टिकट सैलून में यात्रा करने की बात कही गई थी। इस ट्वीट के बाद झांसी, इलाहाबाद से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया। सूत्रों की मानें तो रेलवे बोर्ड ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। गुरुवार शाम तक स्थिति ये हो गई कि डीआरएम ने ट्विटर पर टिकट पोस्ट कर जानकारी दी कि उनके रिश्तेदारों ने फर्स्ट क्लास का टिकट लेकर सैलून में यात्रा की है।
दतिया में उतरने से मामले ने तूल पकड़ा
पत्नी और रिश्तेदारों के साथ सैलून से झांसी के लिए रवाना हुए डीआरएम को दतिया में रुकना भी विवादों का कारण बन गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ट्विटर पर शिकायत होने के बाद डीआरएम दतिया में उतर गए और झांसी तक सैलून खाली गया है। इसके लिए ट्रेन को भी काफी देर तक स्टेशन पर रोका गया। हालांकि रेलवे का तर्क है कि ट्रेन डीआरएम के कारण नहीं किसी अन्य कारण से रोकी गई होगी।
DRM
तीन तरह की यात्राः ट्रेन में यात्रा के लिए पास, पीटीओ और टिकट, तीन तरीके होते हैं।
पासः रेलवे अफसर पास पर सफर करते हैं। जिसमें उनकी पत्नी और बच्चे भी शामिल होते हैं।
सैलूनः फर्स्ट क्लास का टिकट लेकर यात्री सैलून में सफर कर सकता है। हालांकि ये तभी संभव है जब सैलून में सफर कर रहे अफसर ने इसकी अनुमति दी हो।
ट्विटर पर यह शिकायत हुई
जितेन्द्र सिंह ने ट्विटर पर जो शिकायत की है उसमें बताया गया है कि डीआरएम झांसी सालियों को सैलून से लेने आए ग्वालियर। मुंबई से फ्लाइट से आई हैं दो सालियां। अभी महाकौशल एक्सप्रेस से झांसी लेकर रवाना। बिना टिकट हैं दोनो सालियां। डीआरएम की पत्नी भी साथ में। सालियों के लिए ग्वालियर दौरा दिखाया।
सीधी बात : गौरव कृष्ण बंसल,सीपीआरओ, प्रयागराज
सवालः क्या डीआरएम के साथ सालियों ने भी सैलून में सफर किया?
जवाबः उनके साथ सैलून में उनके रिश्तेदार गए थे, उन्होंने नियमानुसार फर्स्ट क्लास का टिकट लिया था। नियमानुसार कोई भी फर्स्ट क्लास का टिकट लेने वाला व्यक्ति सैलून में मौजूद व्यक्ति यदि सहमत हो तो उसमें सफर कर सकता है। इसमें कुछ भी नियम विरुद्ध नहीं हुआ है।
सवालः नियमानुसार था तो डीआरएम दतिया में क्यों उतरे, इसके कारण ट्रेन को भी काफी देर रोका गया?
जवाबः जिस प्रकार टिकट लेने वाला यात्री कहीं भी उतरने का अधिकार रखता है, उसी प्रकार सैलून में मौजूद व्यक्ति भी कहीं भी उतर सकता है। जहां तक ट्रेन के अधिक रुकने की बात है तो वह किसी और कारण से रोकी गई होगी।
सवालः इस संबंध में ट्विटर पर शिकायत भी हुई है?
जवाबः ट्विटर पर हुई शिकायत गलत है, तथ्यों के विपरित है। ड्यूटी पर मंडल रेल प्रबंधक को सैलून के उपयोग करने का अधिकार है। वह फर्स्ट क्लास का टिकट होने पर जिसको चाहें साथ ले जा सकते हैं। डीआरएम ने टिकट भी पोस्ट कर दिए हैं।

