सर्वत्र मां मक्रवाहिनी की जय-जयकार
जबलपुर। देवउठनी ग्यारस की शाम सर्वत्र मां मक्रवाहिनी के जयकारे गूंज रहे थे। पानदरीबा स्थित कलचुरी कालीन मां मक्रवाहिनी की महाआरती में शहर से 16 संस्थाओं के सदस्यों ने गाजे बाजे के साथ सहभागिता की और माता की महिमा का गुणगान किया।
कल्चुरी कालीन 11वीं सदी की देवी प्रतिमा मां मक्रवाहिनी की महाआरती का शुभारंभ वर्ष 2011 में हुआ था। मां का दरबार संवत् 2024 में तैयार हुआ था। यह आयोजन वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। लोक कल्याण और मांगलिक कार्यों के शुभारंभ पर केंद्रित महाआरती का आयोजन किया जाता है। परंपरा के अनुसार महाआरती में शामिल होने के लिए शहर के गली-मोहल्लों से भक्तगणों की टोलियां ढोल-ढमाकों के साथ नृत्य करते हुए पहुंची। और मां मक्रवाहिनी महाआरती में सहभागिता की। तदुपरांत सभी श्रद्धालुओं ने विशाल भंडारा में प्रसाद ग्रहण किया। महाआरती में लखन घनघोरिया, बाबू विश्व मोहन, संतोष दुबे, ब्रज यादव ,अतुल बाजपेयी, ाीतेश अग्रवाल,श्रीराम शुक्ला, रंजीत पटेल, दिनेश यादव, विनय सक्सेना, संतोष दुबे, अमरीश मिश्रा, अभिषेक यादव, सौरभ शर्मा, अयोध्या तिवारी, अरुण सिंह पवार, उपस्थित थे। इस अवसर पर मां मक्रवाहिनी समिति के सदस्यों में डॉ. अभिजात कृष्ण त्रिपाठी, संदीप जैन, चंद्र गोपाल तिवारी कल्ली, आशीष शुक्ला, संपूर्ण तिवारी, डॉ. आनंद सिंह राणा,विलोप पाठक, अन्नी चौरसिया, शरद चौरसिया, मनोज चौरसिया समेत सैैकड़ों श्रृद्धालु मौजूद रहे।

