रिजर्वेशन कराने के बाद घूमता रहता था सभी कोचों में
जबलपुर नगर संवाददाता। ट्रेनों में बहुरूपिया बनकर चोरी के वारदात को अंजाम देने वाले एक शामिर चोर कोजीआरपी ने दबोच लिया। चोर को जीआरपी ने उस समय पकड़ जब वह सरदार की वेशभूषा में मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मं नंबर छ: में किसी वारदात को अंजाम देने के लिये घूम रहा था । इसी दौरान जीआरपी को गश्त के दौरान जैसे ही उस पर शक हुआ तो उसे अपनी गिरफ्त में लेने के लिये उसका पीछा किया तो चोर ने बचने के लिये दौड़ लगा दी जिसे बाद में जीआरपी की टीम ने घेरांबदी कर दबोच लिया गया। इस शातिर चोर से मोबाइल एक पर्स एवं नगदी रूपये सहित जरूरी कागजात जप्त किये गये है। उक्त कार्रवाई थाना प्रभारी यदुवंश मिश्रा के नेतृत्व में एसआई राजकुमार ख्रटीक,आरएस ठक्कर,आरएम खान एवं प्रा.आ.सुशील सिंह द्वारा की गई। इस संबंध में जीआरपी ने बताया कि पंजाब के लुधियाना का रहने वाला 48 वर्षीय जगरूप सिंह पिता मैहर सिंह सरदारों की पगड़ी पहन कर ट्रेनों में मौका मिलते ही यात्रियों का कीमती सामान एवं पर्स पार कर मौके से फरार हो जाता है उक्त शातिर चोर ने दो दिन पूर्व जबलपुर स्टेशन पर उस दौरान उनकी जेब से पर्स पार कर दिया था जब वहदानापुर पुणे ट्रेन मे सवार हो रहे थे इस घटना की रिपोर्ट पीडि़त द्वारा जीआरपी में दर्ज कराई गई थी रिपोर्ट के आधार पर जीआरपी उसकी तलाश में लगी हुई थी इसी दौरान बीती रात जब जीआरपी टीम रात को गस्त कर रही थी तभी उक्त शातिर चार को स्टेशन से भागते हुये जीआरपी ने दबोच लिया।
रिजर्वेशन कराने के बाद कोच में घूमता था बदमाश
पकड़े गये शातिर चोर के संबंध में जीआरपी ने बताया कि उक्त चोर ट्रेन में अपना रिजर्वेशन करा लेता था जिसके बाद वह पूरी गाड़ी मेंं घूमता रहता था जिससे किसी को शक न हो और इसी दौरान वह मौका मिलते ही चोरी की वारदात को अंजाम देता था। पकड़े गया आरोपी गाडरवारा,पिपरिया,इटारसी एवं बिलासपुर सहित राउरकेला में भी इसी तरह की चोरी की वारदात को अंजाम देता था जिसके विरूद्ध संबंधित थानो में अनेंक मामले भी दर्ज है।
रनिंग ट्रेन में करता था चोरी- इसी तरह से जबलपुर गुप्तेश्वर का रहने वाला 28 वर्षीय हेंमत चौधरी भी रनिंग ट्रेन मे चोरी की वारदात को अंजाम देता था जिसे जीआरपी ने मुखबिर की सूचना पर उसके ठिकानेउ से दबोच लिया पकड़े गये इस आरोपी के पास से एक 18 हजार का मोबाइल एवं अन्य जरूरी कागजात भी बरामद किये गये हैं जीआरपी ने दोनों आरोपियों के विरूद्व प्रकरण दर्ज कर रेल न्यायालय मे पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
