संसद का शीतकालीन सत्र आज से: बेरोजगारी, महंगाई व आर्थिक सुस्ती पर घमासान के आसार, विपक्ष हुआ और मजबूत
विपक्ष की योजना सरकार को जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति पर घेरने की है। जबकि सरकार राफेल सौदे पर शीर्ष अदालत से मिली क्लीन चिट पर पलटवार करने के साथ जम्मू-कश्मीर के मामले में आक्रामक रुख अपनाने पर अडिग है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दूसरे सत्र में शिवसेना के राजग से नाता तोडने केकारण संसद का नजारा बदला बदला सा होगा।
सत्र से पहले सरकार और विपक्ष ने एक दूसरे को घेरने और पलटवार करने की रणनीति बनाई है। विपक्ष ने आर्थिक सुस्ती के कारण घट रहे रोजगार के अवसर को सबसे बड़ा मुद्दा बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा विपक्ष की योजना सरकार को महंगाई, जम्मू कश्मीर की स्थिति, किसानों की दुरूह स्थिति जैसे मुद्दों पर घेरने की है।
दूसरी ओर सरकार ने राजग की बैठक बुलाकर विपक्ष को घेरने की रणनीति तैयार की। इस बैठक में राफेल सौदा मामले में राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग करने का फैसला हुआ। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर हमलावर रुख अपनाने की रणनीति बनाई है।
तब अनुच्छेद 370 अब नागरिकता संशोधन बिल
विपक्ष इस बिल को असंवैधानिक बता कर लगातार इसका विरोध कर रहा है। जबकि सरकार इसे हर हाल में पारित कराने पर अडिग है। दरअसल इस बिल में पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से निर्वासित-प्रताड़ित हिंदुओं, बौद्धों, सिखों और ईसाईयों को सहज नागरिकता दिये जाने का प्रावधान है।
विपक्ष का कहना है इसमें मुलसमानों को शामिल नहीं करना असंवैधानिक है। सरकार इसी सत्र में बिल को पेश कर कानूनी जामा पहनाने के लिए अडिग है।

