शादी व बारातों पर आचार संहिता का संकट
जबलपुर,यभाप्र। 19 नवंबर को देव उठानी एकादशी के बाद शुभकार्य शुरू हो जाएंगे, लेकिन 28 नवंबर यानी मतदान के पहले शादियों के मुहूर्त नहीं हैं फिर भी शादियां हो रही हैं । ऐसे में ये सभी मुहूर्त आचार संहिता से प्रभावित होंगे। इन दिनों में होने वाली शादियों पर संकट आ सकता है। 19 नवंबर को कई शादियां हैं। ऐसे में बाहर से आने वाली बारातों पर ही संकट आ गया है। क्योंकि बारात में दूल्हे से लेकर अन्य सभी बाराती बाहर के हो सकते हैं। यदि पुलिस व प्रशासन ने सख्ती बरती तो शादी होना ही मुश्किल हो जाएगा। मतदान से 24 घंटे पहले पुलिस जिले के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर चेकपोस्ट व चौकियों से बाहरी लोगों को जिले में प्रवेश नहीं करने देगी और उन्हें वहीं पर रोक देगी। यदि यह नियम बारात व बारातियों पर भी लगाया गया तो मुश्किल हो जाएगी। यदि कोई बारात आ भी जाती है तो भी मुश्किल होगी, क्योंकि चेकिंग या अन्य कार्रवाई में बाहरी लोगों को वापस भेजा जा सकता है।
बारात निकलने पर हो सकती है दिक्कत
चुनाव की वजह से आचार संहिता लगी हुई है। धारा 144 के तहत एक साथ चार लोग एक जगह पर एकत्रित होकर नहीं जा पाएंगे। ऐसे में बारात निकालने पर भी परेशानी होगी। इसके लिए पहले प्रशासन से अनुमति लेना होगा। यदि ऐसा नहीं किया तो बाराती कार्रवाई के दायरे में आ जाएंगे। बारात में ज्यादा शोरगुल नहीं कर सकेंगे। डीजे पर तो प्रशासन ने प्रतिबंध लगा ही दिया है। दस बजे के बाद तो न बैंड बज सकेंगे और न ही लोग नाच सकेंगे।
कैश लाने पर भी दिक्कत
शादियों में लोग कैश में बड़ी रकम ले जाते हैं, लेकिन आचार संहिता में 50 हजार से अधिक रकम ले जाने पर रोक है। ऐसे में लोग शादी विवाह के लिए बड़ी रकम ले जाएगा और यदि पुलिस के फेर में रकम आ गई तो दिक्कत हो जाएगी और शादी भी अटक सकती है।
कहां से आएंगे शादियों में लोग – इस दौरान शादियों में आने वाले मेहमानों की खासी कमी रहेगी। क्योंकि इस दिन लोग चुनाव व मतदान में व्यस्त रहेंगे। ऐसे में शादी करने वाले परिवारों के सामने संकट है कि आखिर उनकी शादी में भाग लेने के लिए कौन आएगा। क्योंकि जिले भर के सभी सरकारी कर्मचारियों को चुनाव में लगाया गया है।

