अंतराष्ट्रीयमध्यप्रदेश

विजयराघवगढ़ के बम्हौरी अंधे हत्या कांण्ड का खुलासा

कटनी। थाना विजयराघवगढ़ में दिनांक 14/अगस्त  को सुबह 10:00 बजे ग्राम बम्हौरी का बिनोद कोल थाना रिपोर्ट करने आया था, रिपोर्ट में बताया कि उसके गांव के गणेश त्रिपाठी ने रात्रि में उसे घर से बाहर ले जाकर बाद बिवाद कर गले में चाकू मार दिया है।

जो मेरे भाई ने 100 नम्बर में फोन लगाकर बताया था। उसी दौरान फोन से सूचना मिली की ग्राम बम्हौरी में गैवी कोल के मकान के पीछे बने सार में गणेश त्रिपाठी फांसी पर लटका है।

सूचना पर तत्काल थाना विजयराघवगढ़ का स्टाफ मौके में पहुचकर घटना निरीक्षण कर जीरो में मर्ग इंटीमेशन लिया जाकर शव पंचनामा कार्यवाही किया। शव निरीक्षण दौरान पाया गया कि मृतक गणेश त्रिपाठी का शव छानी के बल्ली से तांत रस्सी (प्लास्टिक) से लटका हुआ मिला।

जिसके दोनों पैर जमीन से लगकर मुड़े हुये थी। जिसकी फौत हो चुकी थी। मौके पर ही सूचना पर एफ.एस.एल. अधिकारी डॉ अवनीश कुमार कुमार द्वारा पहुचकर घटना स्थल निरीक्षण कर भौतिक साक्ष्य एकत्र करने हेतु दिशा निर्देश दिया गया था। शव पंचनामा उपरांत शव को पी.एम. हेतु शासकीय अस्पताल भेजा गया।

बाद डाक्टर द्वारा पी.एम. रिपोर्ट में बताया गया कि मृतक गणेश त्रिपाठी को फांसी में लटकाने से पूर्व गला दबाकर मारा गया है एवं मर्ग जांच दौरान परिजनों के कथन में बताया गया कि दिनांक 13/08/2020 को शाम 07:00 बजे भाई विकास त्रिपाठी को मृतक गणेश त्रिपाठी यह बताकर कि गांव का बिनोद कोल उसे बुलाया है। जो उससे मिलने जा रहा है। उसके बाद मृतक घर वापस नहीं आया।

सुबह ढूढने पर मृतक गणेश त्रिपाठी का शव गैवी कोल के मकान के सार में फांसी में लटका पाया गया। जो मर्ग क्रमांक 49/20 धारा 174 जा.फौ. की जांच पर से प्रथम दृष्टया अपराध पाये जाने थाना विजयराघवगढ़ में अपराध क्रमांक 237/20 धारा 302, 201 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक  ललित शाक्यवार के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सुश्री शिखा सोनी के नेतृत्व में आरोपी की तलास पतासाजी हेतु टीम गठित की गई।

थाना प्रभारी निरीक्षक सुधाकर बारसकर, उप निरीक्षक प्रियंका केवट, उनि आर.एल. चैधरी, सहायक उप निरीक्षक संतोष कुमार, प्रधान आरक्षक जनार्दन तिवारी, आरक्षक कमलेश बैरागी, पप्पू प्रजापति, सोमनाथ शर्मा को लगाया गया है। विवेचना दौरान बिनोद कोल से संदेह होने पर पूछताछ किया गया।

जिसने स्वीकार किया कि उसकी मृतक गणेश त्रिपाठी से पुरानी रंजिश थी, जिस वजह से दिनांक 13/08/2020 की रात्रि करीबन 10:00 बजे बिनोद कोल मृतक गणेश त्रिपाठी को मिलने पर अपने साथ गैवी कोल के मकान के पीछे सार में ले गया और वहां बात बिवाद किया और पीछे से गला पकड़कर दबा दिया। जिससे वह मर गया।

फिर बिनोद कोल ने अपने भाई लखन कोल, दशरथ कोल को बुलाकर गणेश त्रिपाठी के शव को तांत रस्सी से छानी के बल्ली से फांसी पर लटका दिया और साक्ष्य को छिपाने के उद्देश्य से स्वयं से बिनोद कोल ने अपने गले में चाकू मार कर पुलिस को गुमराह करने के लिये भाई लखन कोल से 100 नम्बर पुलिस को फोन लगाकर गणेश त्रिपाठी द्वारा मारना बताया एवं शासकीय अस्पताल विजयराघवगढ़ में आकर रात ढाई बजे ईलाज हेतु भर्ती हो गया।

फिर दिनांक 14/08/2020 को सुबह 10-11 बजे करीबन गणेश त्रिपाठी के विरूद्ध रिपोर्ट लिखाने थाना आया था। जो अपराध करना स्वीकार करने पर दिनांक 16/08/2020 को आरोपी बिनोद कोल, लखन कोल, दशरथ कोल को गिरफ्तार किया गया, जो न्यायालय पेश किया गया।

उल्लेखनीय भूमिका 

थाना प्रभारी निरीक्षक सुधाकर बारसकर, उप निरीक्षक प्रियंका केवट, उप निरीक्षक आर.एल. चैधरी, उप निरीक्षक निर्मल तिवारी, सहायक उप निरीक्षक संतोष कुमार, प्रधान आरक्षक जर्नादन तिवारी, कमलेश्वर शुक्ला, आरक्षक कमलेश बैरागी, पप्पू प्रजापति, बृजेश दुबे, सोमनाथ शर्मा, अरविंद गर्ग एवं थाना विजयराघवगढ़ का संपूर्ण स्टाफ का सरायनीय योगदान रहा। सायवर सेल कटनी – आरक्षक 626 अजय शंकर साकेत, आर. 379 प्रीतम सिंह मार्को का उल्लेखनीय योगदान रहा।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम