कटनी पहुंची 1450 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया; कलेक्टर का सख्त आदेश- बिना ई-टोकन नहीं मिलेगी खाद
कटनी पहुंची 1450 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया; कलेक्टर का सख्त आदेश- बिना ई-टोकन नहीं मिलेगी खाद
कटनी: कटनी जिले के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। जायद फसलों के सीजन में खाद की भारी मांग को देखते हुए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के विशेष प्रयासों से यूरिया की एक और रैक मंगलवार को झुकेही रैक प्वाइंट पर पहुंच गई है। इस रैक के जरिए जिले को 1450 मीट्रिक टन (MT) नीम कोटेड यूरिया प्राप्त हुई है, जिसका झुकेही रैक पाइंट से तेजी से परिवहन कर भंडारण केंद्रों तक भेजा जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में यूरिया खाद की कोई कमी नहीं है और किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
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किसानों के लिए कहाँ कितनी यूरिया का हुआ आवंटन?
उपसंचालक कृषि के अनुसार, रैक से प्राप्त 1450 मीट्रिक टन यूरिया को जिले के विभिन्न डबल लॉक केंद्रों और सहकारी समितियों में पारदर्शी तरीके से आवंटित किया जा रहा है:
- डबल लॉक केंद्र: कटनी डबल लॉक को 320 मीट्रिक टन, बहोरीबंद को 150 मीट्रिक टन और मझगवां-बड़वारा डबल लॉक केंद्र को 200 मीट्रिक टन यूरिया दी जाएगी।
- बैंक व एग्रो: जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक कटनी को 350 मीट्रिक टन और एमपी एग्रो कटनी को 100 मीट्रिक टन खाद आवंटित की गई है।
- विपणन समितियां (CMS): सीएमएस मार्केटिंग सोसायटी कटनी, उमरियापान-ढीमरखेड़ा और बाकल को 60-60 मीट्रिक टन यूरिया मिलेगी। वहीं सीएमएस रीठी, बड़वारा, प्रियदर्शनी विपणन विजयराघवगढ़ और बाकल को 50-50 मीट्रिक टन यूरिया का आवंटन किया गया है।
कालाबाजारी पर रोक: खसरे के आधार पर सॉफ्टवेयर तय करेगा खाद की मात्रा
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने उपसंचालक कृषि को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिले में खाद का वितरण केवल ई-टोकन (E-Token) के माध्यम से ही किया जाए।
- कैसे तय होगी मात्रा: किसान की जमीन (खसरा नंबर) और बोई गई फसल के रकबे के आधार पर सॉफ्टवेयर खुद तय करेगा कि किस किसान को कितनी खाद मिलनी चाहिए। इससे अनावश्यक भंडारण और कालाबाजारी पर पूरी तरह से लगाम लगेगी।
- पारदर्शिता: किसान अब घर बैठे पोर्टल पर देख सकेंगे कि किस केंद्र पर खाद का कितना स्टॉक उपलब्ध है।
यहाँ से मिलेगा ई-टोकन; नियमों के उल्लंघन पर होगी जेल
किसान भाई अपनी सुविधा के अनुसार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), डबल लॉक केंद्रों, निजी विक्रेताओं या सशुल्क सेवा के तहत एमपी ऑनलाइन और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अपना ई-टोकन जेनरेट करवा सकते हैं।
कड़ी चेतावनी: शासन ने साफ कर दिया है कि यदि कोई भी सहकारी समिति या निजी डीलर बिना ई-टोकन के खाद बेचता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कठोर वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग की अपील: संतुलित उर्वरकों का ही करें उपयोग
प्रशासन ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे अपनी मिट्टी की सेहत को ध्यान में रखते हुए केवल संतुलित मात्रा में ही यूरिया का उपयोग करें। जरूरत से ज्यादा यूरिया का इस्तेमाल न सिर्फ खेती की लागत को बढ़ाता है, बल्कि भूमि की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है

