पन्ना ब्यूरो जिले में इन दिनों रिश्वत लेने का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। जिस ओर लोकायुक्त पुलिस द्वारा कार्यवाही भी की जा रही है लेकिन रिश्वतखोरों के लिए यह कार्यवाही नाकाफी साबित हो रही है। जिले में लोकायुक्त की कार्यवाही पर नजर दौडाई जाये तो हर माह जिले में कही न कही लोकायुक्त पुलिस द्वारा कार्यवाही कर प्रकरण दर्ज करती है लेकिन उसके बावजूद भी जिले में धडल्ले से बिना पैसे के काम न करने का सिलसिला जारी है।
जिस ओर पीडित अपनी बात वरिष्ट अधिकारियों से भी कहता है लेकिन उसकी कोई सुनवाई नही होती है तो वह थक हार कर लोकायुक्त पुलिस के पास जाता है। जहां से इस प्रकार की कार्यवाही को अंजाम दिया जाता है। आज कुछ इसी प्रकार का मामला जनपद पंचायत अजयगढ़ में देखने को मिला।
जहां पर जनपद पंचायत अजयगढ में सेवानिवृत्त हुए एसडीओं अंतिम वेतन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बहुत दिनों से परेशान चल रहे थे और प्रमाण पत्र बनाने के लिए बाबू द्वारा उनसे 20 हजार रूपयें की मांग की जा रही थी, जिसकी शिकायत पीडित रिटायर्ड एसडीओं द्वारा लोकायुक्त पुलिस से की गई, जिस पर आज दोपहर लोकायुक्त पुलिस ने जनपद पंचायत अजयगढ में छापामार कार्यवाही कर बाबू को रंगे हाथों 5 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
इस संबंध में बताया जाता है कि सेवा निवृत्त सहायक विस्तार अधिकारी जनपद पंचायत अजयगढ़ डगली प्रसाद कोल द्वारा लोकायुक्त कार्यालय में दिनांक 13 नवम्बर को लिखित आवेदन देकर शिकायत की गई थी कि जनपद पंचायत अजयगढ़ ग्रेड-3 के कर्मचारी सुधीर श्रीवास्तव द्वारा मेरा एल.पी.सी. (अंतिम वेतन प्रमाण-पत्र) देने के बदले मुझसे 20,000 रूपये की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता की शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें शिकायत सही पाई गई, लोकायुक्त कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एक टीम गठित की गई और आज शुक्रवार को लगभग दोपहर 2 बजे जनपद पंचायत अजयगढ़ कार्यालय में छापा मारा गया और मौके में शिकायतकर्ता द्वारा आरोपी सुधीर श्रीवास्तव सह आरोपी रामकिशन सेन से 5 हजार रूपये रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम सागर द्वारा रंगे हाथों पकड़ा गया।

