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लोकसभा में भी बाजी मार सकती है कांग्रेस

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भाजपा के लिए आसान नही होगी लोकसभा की डगर
जबलपुर नगर प्रतिनिधि। विधानसभा चुनाव में चौंकाने वाले परिणाम सामने आए है। जिसकी उम्मीद भाजपा ने नहीं की थी। इन परिणामों को ऐतिहासिक भी कहा जा सकता है। जिसने जबलपुर शहर की राजनैतिक तस्वीर बदलकर रख दी है। क्योंकि जबलपुर के चुनावी इतिहास में कांग्रेस को हमेशा जबलपुर में निराशा ही हाथ लगती आई थी, लेकिन हालिया 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में जबलपुर की चार सीटों पर कांग्रेस का कब्जा वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य को बदलने का संकेत कहा जा सकता हैै। इस बदलाव को भाजपा से जबलपुर का मोहभंग के रूप में भी देखा जा सकता है । विगत पन्द्रह वर्षों से जबलपुर की लोकसभा सीट पर राकेश सिंह ने कब्जा जमाया हुआ है, इस दौरान उन्होंने स्व. विश्वनाथ दुबे, विवेक तन्खा जैसे दिग्गजों को हराया। विदित हो कि राकेश कि यह जीत उस समय आयी थी जब भाजपा शासन की मध्यप्रदेश में शुरूआत हुई थी और चारों ओर भाजपा का ही डंका बज रहा था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी है और प्रदेश से भाजपा का सूर्य अस्त हो चुका है। वर्तमान परिस्थितियां सांसद राकेश सिंह के लिए उपर्युक्त नहीं कही जा सकती हैं। इन सभी को देखते हुए 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा की राह आसान नहीं दिख रही है। वही विधानसभा चुनाव में शानदार विजयी पताका फहराने के बाद हो सकता है कांग्रेस लोकसभा चुनाव में भी जबलपुर में जीत दर्ज करे। ऐसी बाते कोई मनगंढत नही बल्कि आंकड़े बता रहे है कि इस विधानसभा चुनाव में किस प्रकार से कांग्रेस की सीटों के साथ वोटों का ग्राफ भी बढ़ गया है।
क्या कहते है आंकड़े
आंकड़ो पर यदि गौर किया जाए तो पिछले लोकसभा चुनाव मे भाजपा को संसदीय चुनाव में कुल वोट 5,64,609 प्राप्त हुए थे जबकि कांग्रेस को 3,55,970 वोट मिले परंतु इस बार कांग्रेस को प्राप्त वोटों के आंकड़े कुछ और ही इशारा कर रहे है। जो भाजपा के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकते है।
2014 मे प्राप्त वोटों की संख्या
भाजपा – 5,64,609
कांग्रेस – 3,55,970
वर्तमान स्थिति में तुलनात्मक अध्ययन
2018 में विधानसभा में प्राप्त वोटों की संख्या
कांग्रेस – 5,35,673
भाजपा- 5,64,609
28,936 मतों का फासला

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