धर्म ग्रंथों के अनुसार सूतक के समय भोजन करना और पानी पीना भी वर्जित माना गया है। जो भोजन और पानी घर में रखा हो उसमें तुलसी के पत्ते डाले जाते हैं। सबसे ज्यादा सावधानी गर्भवती महिलाओं को लेकर बरतने की बात कही गई है, ग्रहण के दौरान उन्हें घर में ही रखा जाए।

मुख्य पुजारी पं. दीपेश व्यास ने बताया कि सूतक लगते ही रणजीत हनुमान मंदिर के पट दोपहर 2.54 बजे बंद कर दिए जाएंगे, जो मोक्षकाल तड़के 3.49 बजे के बाद खुलेंगे। इसके बाद मंदिर की शुद्धि और भगवान का श्रृंगार किया जाएगा। खजराना गणेश मंदिर में ग्रहण के दौरान दर्शन तो होंगे लेकिन मूर्ति को स्पर्श नहीं करने दिया जाएगा। पुजारी जयदेव भट्ट के अनुसार सूतक के दौरान गर्भगृह में किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ज्योतिर्विद् श्यामजी बापू ने बताया कि ग्रहण का विभिन्न राशियों के जातकों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा।

राशियों पर चंद्रग्रहण का यह पड़ेगा असर

भोपाल के मां चामुंडा दरबार के पं. रामजीवन दुबे के मुताबिक ज्योतिषशास्त्र के अनुसार गोचर में मकर राशि के केतु और चंद्रमा की प्रधानता रहेगी। राहु से समसप्तक दृष्टि संबंध रहेगा जो अशुभता का प्रतीक माना जाता है। चंद्रग्रहण के कारण भूकंप, सुनामी समेत अन्य प्राकृतिक आपदाओं की आशंकाएं पैदा होती हैं। इसके साथ ही यह ग्रहण श्रवण नक्षत्र एवं मकर, मिथुन, तुला व कुंभ राशि वालों के लिए अशुभकारी बताया जा रहा है। वहीं वृष, कर्क, कन्या व धनु राशि वाले के लिए मध्यम व मेष, सिंह, वृश्चिक व मीन राशि वालों को शुभ फल प्रदान करेगा। इस दिन इष्ट देव की आराधना करना व गुरुमंत्र का जाप करने के साथ धार्मिक ग्रंथों को पढ़ना शुभकारी होता है।