रेत उत्खनन से खत्म हो रही नदी, सिंध किनारे 150 फीट गिरा जलस्तर
भिंड। सिंध नदी में लगातार हो रहे रेत के अवैध उत्खनन ने अब बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। सिंध नदी को खत्म कर रेत निकाले जाने से किनारे के गांवों में 150 फीट तक जल स्तर कम हुआ है। पीएचई महकमे के ईई आरके सिंह का कहना है सिंध नदी किनारे के गांवों में स्थिति भयानक हो रही है। लोगों को पीने का पानी मुहैया कराने हैंडपंप के लिए अब 300 फीट गहराई तक बोर करा रहे हैं। वर्तमान में बन रहे इन हालातों से साफ है अगर सिंध नदी से रेत उत्खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लगी तो आने वाले वर्षों में नदी किनारे के गांवों में पानी के लिए बुंदेलखंड जैसी मारामारी होगी।
मशीनों से बीच नदी से खोद रहे रेत
जिले में सिंध नदी में किसी भी गांव में ऐसा कोई स्थान नहीं है, जहां बारिश के दौरान नदी में आई बाढ़ के बाद रेत इकट्ठी हुई हो, लेकिन इसके बावजूद 20 से ज्यादा खदान संचालित हैं। प्रशासन और पुलिस की तमाम कार्रवाई के बावजूद खनन माफिया रेत निकालने के लिए मशीनों, पनडुब्बी का उपयोग कर नदी की बीच धार को खोद रहा है। सिंध नदी किनारे का शायद ही ऐसा कोई गांव होगा, जहां से नदी को खत्म कर रेत का अवैध उत्खनन नहीं किया जा रहा हो, लेकिन बावजूद इसके खनन माफिया पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
ऐसे समझें पानी की भयानक स्थिति
पीएचई महकमे के मुताबिक जिले में आमतौर पर पहले अगर कहीं पर हैंडपंप के लिए बोरिंग होती थी तो 7-8 पाइप डलते थे, लेकिन अब 16-17 पाइप डलते हैं। एक पाइप की लंबाई 10 फीट रहती है। यानी पहले 70-80 फीट पर भी पानी मिल जाता था, लेकिन अब 160-170 फीट पर पानी मिल रहा है। पानी के विशेषज्ञों का कहना है अगर पानी के दोहन को नहीं रोका गया तो जिले में स्थिति और भी ज्यादा विकराल रूप धारण कर लेगी।
एक साल में इतना घट गया जलस्तर
नाम 2018 2017
भिंड 48 मीटर 42 मीटर
अटेर 46 मीटर 42 मीटर
गोहद 42 मीटर 36 मीटर
मेहगांव 45 मीटर 39 मीटर
लहार 40 मीटर 33 मीटर
रौन 45 मीटर 39 मीटर
पानी बचाने के लिए यह करना होगा
- रेत के लिए नदी को खोदने पर रोक लगाना होगी। बारिश के बाद इकठ्ठा हुआ रेत ही निकाला जाए।
-
बारिश के पानी को रोकने के लिए बोरी बंधान, स्टॉप डैम और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपनाए जाएं।
-
कृषि पंप को निश्चित दूरी के बाद ही दूसरे स्थान पर खनन किया जाए। पास खनन पर रोक लगाई जाए।
इनका कहना है
जिले में जलस्तर तेजी से घट रहा है। सिंध नदी किनारे के गांवों में ही जलस्तर करीब 150 फीट गिरा है। नदी में लगातार हो रहे रेत उत्खनन के कारण यह हालात बन रहे हैं। नदी किनारे के कई गांवों में हैंडपंप पानी छोड़ गए हैं। इनमें अतिरिक्त पाइप डाले जा रहे हेैं, जिससे लोगों को पानी मिल सके – आरके सिंह, ईई, पीएचई भिंड
सिंध नदी में लगातार हो रहे रेत उत्खनन के कारण जलस्तर घट रहा है। यह सभी जानते हैं कि नदी से जितना रेत खोदा जाएगा, पानी उतना ही नीचे जाएगा, लेकिन फिर भी कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। नदी को जीवित रखने के लिए उत्खनन रोका जाए और जलस्तर बढ़ाने के उपाय किए जाएं – मनीष राजपूत, कार्यकर्ता, जल-जन जोड़ो अभियान मध्यप्रदेश

