बोर्ड में शामिल डॉक्टरों ने भी पुलिस को बताया कि तीनों बच्चियों शिखा (8), मानसी (4) और पारुल (2) के पेट में अन्न का एक भी दाना नहीं था। यही बात पहला पोस्टमार्टम करने वाले एलबीएस के डॉक्टरों ने भी कही थी। अब मेडिकल बोर्ड की फाइनल रिपोर्ट तीन अगस्त तक आ सकती है।

दरअसल, मंडावली के पंडित चौक इलाके में मंगलवार को उल्टी-दस्त के बाद एक साथ तीनों बच्चियों की मौत हो गई थी। तब तक मामला संदिग्ध था, लेकिन पहले पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने जब भूख से मौत का संकेत दिया तो पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया।

अब तो लगभग यह स्पष्ट हो गया है कि भूख से ही मौत हुई है। मंगल के आने पर ही पता चलेगा, कब से भूखी थीं बच्चियां बच्चियों के पिता मंगल अब तक नहीं लौटे हैं। ऐसे में पुलिस ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रही है, जो उनके गांव का पता ठीक से बता सके।

पुलिस का कहना है कि मंगल के मिलने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी कि तीनों बच्चियों ने कब से खाना नहीं खाया था। पत्नी वीणा की मानसिक स्थिति कब से खराब है और बच्चियां कब से बीमार चल रही थीं।

रिक्शा लूट लिया गया तो थाने को सूचना देनी चाहिए थी : पुलिस-

जिस दिन घटना हुई, उस सुबह काम ढूंढने की बात कहकर निकले बच्चियों के पिता अब तक नहीं लौटे हैं। उनके साथ रिक्शा लूट की घटना होने के बाद ही उन्हें मकान मालिक (रिक्शा मालिक भी) ने घर से निकाल दिया था और उनका परिवार दोस्त नारायण के पास रह रहा था।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंगल के रिक्शा लूटने की घटना किसी थाने में दर्ज नहीं है। अगर किसी ने रिक्शा लूटा है तो पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। मंगल को शराब पीने की आदत है। नशे में कहीं भी रिक्शा छोड़ देते थे और नशा उतरने पर रिक्शा ढूंढकर ले आते थे। हो सकता है कि इस बार भी वैसा ही हुआ हो। पुलिस को अभी तक मंगल के पश्चिम बंगाल के गांव व जिले का पता नहीं लग सका है।