आरोपी ने जघन्य अपराध किया है लेकिन आरोपी ने पुलिस के सभी आरोपों को नकार दिया। वह कोर्ट में ट्रायल फेस करना चाहता है। कोर्ट ने आरोपी पर आरोप तय कर पुलिस से ट्रायल प्रोग्राम मांगा है। 4 जुलाई को ट्रायल प्रोग्राम पेश किया जाएगा। उसके बाद तय किया जाएगा कि गवाही प्रतिदिन करानी है या कुछ समय दिया जाए।
कंपू थाना पुलिस ने गत दिवस आरोपी जीतू उर्फ जितेन्द्र कुशवाह के खिलाफ चालान पेश कर दिया था। पुलिस ने 88 पेज के चालान में मेडिकल रिपोर्ट, पीएम रिपोर्ट, 31 गवाहों के बयान सहित मौके से मिले हर साक्ष्य को शामिल किया है। चालान में एक बाल, नाखून और मिट्टी की जांच रिपोर्ट भी पेश की गई है। साथ ही दो लिफाफों में सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की सीडी व पैन ड्राइव एक पॉलीथिन में घटना स्थल से जुटाए गए अन्य साक्ष्य भी पेश किए हैं। चालान पेश होने के बाद मंगलवार को आरोप तय होने थे। सुबह 10:30 बजे पुलिस भारी सुरक्षा व्यवस्था में आरोपी को कोर्ट लेकर पहुंची और विशेष न्यायालय में पेश किया।
पुलिस की ओर से पैरवी एडीपीओ अनिल मिश्रा ने की। श्री मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि आरोपी ने जघन्य अपराध किया है। एक मासूम का पहले अपहरण किया और दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी। इसे चिन्हित अपराध की श्रेणी में रखा गया है। धारा 363, 376, 376 ए बी, 302, 201, 5/6 पास्को एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस का पक्ष सुनने के बाद आरोपी का तर्क सुना गया। आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि पुलिस ने उसे झूठा फंसाया है। कोई साक्ष्य पुलिस के पास नहीं है इसलिए आरोप स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि वह ट्रायल फेस करना चाहते हैं। कोर्ट ने आरोपी पर 6 धाराओं के तहत आरोप तय कर पुलिस को 4 जुलाई को ट्रायल प्रोग्राम पेश करने का आदेश दिया है। आरोपी पर जिन धाराओं में आरोप तय किए गए हैं, उनमें फांसी की सजा का प्रावधान है।
बार-बार कोर्ट लाने की जरूरत नहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंस से दिखाई जाएगी कार्रवाई –
आरोपी को कोर्ट लाने में काफी खतरा है। मंगलवार को भी पुलिस को भारी पुलिस बल के बीच आरोपी को कोर्ट लाना पड़ा था। इसे ध्यान में रखते हुए आरोपी की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कराई जा सकती है। उसे कोर्ट की पूरी कार्रवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बताई जाएगी। कोर्ट में उसका वकील उसकी ओर से पक्ष रखेगा। इस पर फैसला अब कोर्ट को करना है। क्योंकि पुलिस वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेशी कराना चाहती है।
ट्रायल प्रोग्राम पेश होने के बाद प्रतिदिन गवाही कराई जाती है तो इस मामले में 15 से 20 दिन में फैसला आ सकता है।
पुलिस ने 30 घंटे में आरोपी पकड़ा, 180 घंटे में बनाया चालान –
जघन्य हत्याकांड को लेकर पुलिस ने काफी तत्परता दिखाई। घटना के महज तीस घंटे में आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई थी। गिरफ्तारी के दस दिन में चालान पेश कर दिया। चालान पेश करने के लिए 20 बेहतरीन अधिकारियों की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम गठित की गई थी। इस टीम ने 10 दिन तक प्रतिदिन 18 घंटे कड़ी मेहनत करके महज 180 घंटे में अकाट्य साक्ष्यों के साथ चालान बनकार पेश कर दिया। इस प्रकरण में 8 प्रमुख गवाह हैं। इसके अलावा जब्ती पंचनामों में अलग-अलग गवाहों सहित करीब 32 गवाह हैं। आरोपित के कथन कलमबद्ध करने के साथ ही उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई है।