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मांग बढ़ाने के लिए सरकार दिवाली से पहले ला सकती एक और राहत पैकेज, मोदी सरकार कर रही है तैयारी

nirmla seetaraman

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कोरोना संकट से भारतीय अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सरकार दिवाली से पहले एक और राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है।

तीसरे राहत पैकेज से रोजगार बढ़ाने और काविड-19 के चलते सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों को राहत पहुंचाने की तैयारी है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार इस पैकेज के तहत शहरी परियोजनाओं के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बढ़ावा दे सकती है। वहीं, उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम में और कई सेक्टर को शामिल करने की योजना है।

मोबाइल मैन्यूफैक्चिरंग में पीएलआई स्कीम का बहुत ही बढ़िया रिस्पांस रहा है। कई विदेशी मोबाइल कंपनियों ने भारत में बड़े निवेश के लिए सरकार के साथ करार किया है। इससे आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होंगे। इसके अलावा आतिथ्य और पर्यटन इंडस्ट्री के लिए सीधे मदद दी जा सकती है।

सरकार के इस राहत पैकेज के जरिये नौकरियों के अवसर बढ़ाने का पूरा प्लान है। तीसरे पैकेज में सरकार का जोर टीयर-1 से लेकर टीयर-4 (छोटे से बड़े शहर) तक की परियोजनाओं पर होगा। इन परियोजनाओं में निवेश बढ़ाकर रोजगार के नए मौके पैदा किए जा सकते हैं।

सरकार ने इस बार प्रोत्‍साहन पैकेज के लिए नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन से 20-25 परियोजनाओं को चुना है। इनमें पूंजी का खर्च तेजी से बढ़ाया जा सकता है। नवी मुंबई और ग्रेटर नोएडा में बन रहा एयरपोर्ट भी इसमें शामिल है।

वित्त मंत्री ने दिए थे संकेत

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में संकेत दिए थे कि तीसरे राहत पैकेज का विकल्प खुला है। उन्होंने कहा था कि सरकार कोरोना से भारतीय अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।

इसके बाद वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से ओर भी इस बात की पुष्टि की गई थी तीसरे राहत पैकेज पर काम चल रहा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि दिवाली से पहले राहत पैकेज देकर सरकार मांग बढ़ाने की पूरजोर कोशिश करेगी।
शहरी मनरेगा योजना को टाला जाएगा
हालांकि, सरकार ने अब शहरी रोजगार योजना के प्रस्ताव में निवेश को टाल दिया है। इस मामले में पॉलिसी मेकर्स का कहना था कि शहरी परियोजनाओं में जुड़ी केंद्र और राज्य सरकारों की कंपनियों में निवेश से भी रोजगार के मौके बढ़ेंगे। लिहाजा अलग से योजना में पैसा लगाने की जरूरत नहीं है।

भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत

कारों की बिक्री ने रफ्तार पकड़ी

त्योहारी मौसम के शुरुआती दौर में नवरात्र के दौरान कारों की बिक्री में शानदार तेजी देखी गई लेकिन दोपहिया वाहनों की बिक्री रफ्तार नहीं पकड़ पाई। कार कंपनियों और डीलरों के अनुसार नवरात्र के नौ दिन के दौरान अधिकतर कार कंपनियों की बिक्री पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 20-30 फीसदी बढ़ी है। इस नौ दिनों में 200,000 लोगों ने नई कार खरीदी है।

सूत्रों के अनुसार मारुति सुजुकी ने त्याहारों के दौरान करीब 85,000 से 90,000 कारों की आपूर्ति की, जबकि पिछले साल इस दौरान 60,000 से 65,000 कारों की बिक्री हुई थी।

ई-कॉमर्स की पहली सेल हिट

नवरात्रि को लेकर शुरू की गई ई-कॉमर्स कंपनियों की पहली सेल हिट रही है। ई-कॉमर्स कंपनियों ने इस दौरा 29,000 करोड़ रुपये के सामान की बिकी की है। रेडसीर ने यह जानकारी दी है। पहले त्योहारी सेल में ई-कॉमर्स पर हर मिनट 1.5 करोड़ वैल्यू के स्मार्टफोन्स बेचे गए। पिछले साल के मुकाबले, ऐवरेज बिल वैल्यू में 10-15 फीसदी की तेजी आई है। इसका कारण यह है कि कस्टमर्स ने प्रीमियम और वैल्यू प्रॉडक्ट की ज्यादा खरीदारी की है। सुधार फैशन और अपैरल्स की बिक्री में भी हुआ है, लेकिन यह अभी तक पिछले साल के स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।

ऑफलाइन रिटेल सेल में भी तेजी

ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन रिटेल सेल में भी तेजी दर्ज की गई है। भारत के र्शी स्मार्टफोन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदों के अनुसार, दशहरा सेल में पिछले साल के मुकाबले बिक्री में करीब 10-20 फीसदी की तेजी आई है। रिटेलर्स के अनुसार, इस बार मांग काफी बेहतर है। लोगों द्वारा कंज्यूमर ड्यूरेबल उत्पादों की मांग खूब रही है। ऐसे में उन्हें दिवाली के अवसर पर अच्छी बिक्री की उम्मीद है। एलजी, सैमसंग, विजय सेल्स, क्रोम, ग्रेट इस्टर्न रीटेल आदि का कहना है कि इस सेल में खरीदारी ने मीडियम और प्रीमियम प्रॉडक्ट की ज्यादा खरीदारी की है।

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