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महिला बैंक मैनेजर को अश्लील WhatsApp ग्रुप में जोड़ा, शिकायत की तो कर दिया 1 दिन में दो बार तबादला

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इंदौर। शहर की एक बैंक शाखा में महिला उत्पीड़न का मामला सामने आया है।

राष्ट्रीयकृत बैंक की महिला मुख्य प्रबंधक से अश्लील हरकत और लैंगिक उत्पीड़न मामले में पुलिस ने कार्यकारी निदेशक, आंचलिक उप महाप्रबंधक सहित पांच बड़े अफसरों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। विजय नगर थाना टीआई तहजीब काजी के मुताबिक सत्यसाईं चौराहा स्थित एक इमारत में रहने वाली 42 वर्षीय महिला की शिकायत पर आरोपित पंकज द्विवेदी, फरीद अहमद, एससी क्वात्रा, जयंत कुमार नायक और वीके महरोत्रा के विरुद्ध धारा 354(ए), 354(डी), 509 व 34 के तहत केस दर्ज किया गया है।

पीड़िता के मुताबिक वह 29 सितंबर 2016 से 14 दिसंबर 2017 तक इंदौर की एक शाखा में पदस्थ रही है। इस दौरान द्विवेदी आंचलिक कार्यालय भोपाल में उपमहाप्रबंधक था। वह शासकीय कार्य के बहाने होटलों में मिलने के लिए बार-बार भोपाल बुलाता था। इनकार करने पर वह विभागीय कार्रवाई की धमकी देकर मानसिक रूप से परेशान करने लगा। उसने ऐसे व्हाट्सऐप ग्रुप में भी जोड़ लिया, जिसमें अश्लील वीडियो, मैसेज आदि पोस्ट किए जाते थे। ग्रुप से लेफ्ट होने पर द्विवेदी बार-बार जोड़ लेता था। वह बैंक कार्य समाप्त होने के बाद किसी भी बहाने से कॉल कर बातें करता था।

होटल ले गया, सामने बैठाकर घूरने लगा

पीड़िता के मुताबिक 21 फरवरी 2017 को द्विवेदी विजिट के लिए इंदौर आया था। अधीनस्थ होने के कारण मुझे उसे होटल ले जाना पड़ा। खाना खाने के दौरान उसने सामने बैठा लिया और घूरना शुरू कर दिया। असहज होने पर मुझे वहां से भागना पड़ा। द्विवेदी ने कार की पिछली सीट पर बैठने के लिए भी मजबूर किया। इसके बाद निरीक्षण के बहाने कैबिन में बुलाया और पैर छुआ, फिर होटल में चलने का इशारा किया। इनकार करने पर वह गुस्से में ब्रांच छोड़कर चला गया।

एक दिन में दो बार तबादला किया, कार्यकारी निदेशक ने किए कमेंट्स

पीड़िता का आरोप है कि मेरा एक दिन में दो बार तबादला कर दिया गया। कार्यकारी निदेशक फरीद अहमद को शिकायत करने पर उसने भी नौकरी छोड़ने पर मजबूर किया और कहा बाद में देखेंगे। फरीद ने भी अमर्यादित और अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया। एससी क्वात्रा (महाप्रबंधक) से शिकायत करने पर मेरा ऐसी जगह तबादला कर दिया जहां सुविधाघर भी नहीं था। उसने द्विवेदी का बचाव किया और सार्वजनिक रूप से कहा कि वह (पीड़िता) खुद टॉयलेट बनवा सकती है। उसके पास 50 हजार रुपए खर्च करने का अधिकार है।

अफसरों पर झूठे मामलों में फंसाने का आरोप

पीड़िता ने नायक व महरोत्रा पर भी अन्य आरोपितों की मदद करने और झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाया। उसने हाई कोर्ट में भी फर्जी दस्तावेज बनाने के संबंध में याचिका दायर की है। साथ में कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न समिति के समक्ष भी शिकायत की।

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