मध्यप्रदेश की दूसरी ओपन जेल बनकर तैयार, आज लोकार्पण
सतना। प्रदेश की दूसरी और विंध्य क्षेत्र की पहली ओपन जेल सतना में बनकर तैयार हो गई है। इसका लोकार्पण गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इस खुली जेल में आजीवन सजा वाले कैदी अपनी पत्नी-बच्चों के साथ रहकर जेल के बाहर काम कर सकेंगे। इसके लिए 25 कैदियों का चयन किया गया है।
सतना में ओपन जेल को खुलवाने में केन्द्रीय जेल सतना की पूर्व जेल अधीक्षक शैफाली तिवारी का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने 2016 में शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन द्वारा मंजूरी मिलते ही ओपन जेल का निर्माण कार्य शुरू हो गया। प्रदेश में वैसे तो गुना और पन्ना में भी ओपन जेल बन चुकी है लेकिन वह बंद हो चुकी है। इस लिहाज से मौजूदा स्थिति में पहली ओपन जेल होशंगाबाद में है और अब दूसरी ओपन जेल सतना में हो जाएगी।
क्या है ओपन जेल
ओपन जेल का मतलब एक बेडरूम, एक हॉल, किचन और लेट, बॉथ से है जो जो एक कैदी परिवार को रहने के लिए दिया जाएगा। इसमें कैदी अपनी हैसियत के मुताबिक सुविधाएं घटा-बढ़ा सकता है। परिवार को पालने के लिए कैदी जेल से बाहर जाकर रोजगार भी कर सकता है।
इसके लिए जेल विभाग द्वारा एक परिचय पत्र जारी किया जाएगा और जिस कंपनी में कैदी काम करेगा वहां की पूरी जानकारी जेल विभाग के पास रहेगी। सुबह 6 से शाम 6 बजे तक ही कैदी जेल से बाहर रह सकेंगे। यदि कैदी बाहर काम करने नहीं जा सकता तो उसे जेल के भीतर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है।
1963 में बनी थी पहली ओपन जेल
देश में ओपन जेल की शुरुआत राजस्थान में हुई थी। वहां पहली ओपन जेल 1963 में खोली गई थी। वहां 35 कैदियों को रखा गया था। इसकी सफलता के बाद प्रदेश 1971 में पहली बार गुना जिले के गोदावली जेल में ओपन जेल बनाई गई।
1972 में पन्ना जिले के लक्ष्मीपुर में दूसरी ओपन जेल बनाई थी। दोनों ही ओपन जेल बंद हो चुकी है। 13 दिसंबर 2010 को प्रदेश के होशांगाबाद में ओपन जेल की शुरूआत की गई। जो मौजूद समय में प्रदेश की पहली ओपन जेल है और अब मई 2018 को प्रदेश के सतना जिले में दूसरी ओपन जेल की शुरुआत की गई है।








