मध्यप्रदेश की पेयजल फैक्टरियों में मानक ब्यूरो को मिली गंदगी, होगी कार्यवाही
भोपाल। प्रदेश की करीब दो दर्जन से अधिक पेयजल फैक्टरियों में गंदगी के बीच बोतल बंद पानी की पैकिंग की जा रही है। भारतीय मानक ब्यूरो के औचक निरीक्षण के दौरान इसका खुलासा हुआ है। इस कार्रवाई की रिपोर्ट ब्यूरो के दिल्ली मुख्यालय भेजी गई है।
बताया जाता है कि गर्मी के मौसम में पानी की बढ़ती खपत के साथ ब्यूरो को गुणवत्ता संबंधी शिकायतें मिली थीं। भारतीय मानक ब्यूरो के सूत्रों का दावा है कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और रतलाम सहित कुछ अन्य शहरों में की गई छापामारी में कई अनियमितताएं उजागर हुई हैं। बोतल बंद पानी और पाउच की पैकिंग भारी गंदगी के बीच पाई गई। ज्यादातर फैक्टरियों में निर्धारित मानदंडों का पालन नहीं पाया गया। मुख्यालय के निर्देश पर मप्र ब्यूरो द्वारा कई शहरों में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
मानक ब्यूरो द्वारा जिन फैक्टरियों को आईएसआई मार्का का उपयोग करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, छापे के दौरान उनमें भी उत्पादन होते मिला। कुछ फैक्टरियों की लाइसेंस अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उनमें बोतल बंद पानी का धड़ल्ले से उत्पादन चल रहा था। ऐसे संस्थानों के खिलाफ ‘स्टाप मार्किंग” आदेश के उल्लंघन का मामला बनाया गया है।
मानक ब्यूरो की प्रदेश प्रमुख प्रीति भटनागर ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर उनकी टीम ने अलग-अलग शहरों में गोपनीय तौर यह छापामार कार्रवाई की गई। 28 से 30 अप्रैल तक करीब दो दर्जन फैक्टरियों की जांच-पड़ताल में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने फैक्टरियों के नाम जांच रिपोर्ट आने के बाद उजागर करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। पानी के सैम्पल भी लिए गए हंै जिनकी लैबोरेटरी से जांच कराई जा रही है।

