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मंदिरों के 15 फीसदी चढ़ावे से गौ संरक्षण, पारित हुआ संशोधन विधेयक

हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र पांच अप्रैल को खत्म होगा. छह मार्च से यह शुरू हुआ था. वीरवार को अंतिम दिन सदन में 3 संशोधित बिलों पर चर्चा होगी.

Cow conservation in Himachal.

शराब की बोतल पर सैस लगाने के बाद अब हिमाचल के मंदिरों से होने वाली कुल आय का पंद्रह प्रतिशत गोवंश के संरक्षण पर खर्च होगा.

इस संबंध में हिमाचल विधानसभा में बुधवार को हिमाचल प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्था और पूर्त विन्यास अधिनियम 1984 में संशोधन विधेयक पारित किया गया.

इसके तहत मंदिरों का 15 फीसदी चढ़ावा गोवंश संरक्षण के लिए इस्तेमाल होगा. बता दे कि सीएम जयराम ठाकुर ने बजट 2018-19 में चढ़ावे और दान का 15 प्रतिशत गो संरक्षण के लिए उपयोग करने की घोषणा की थी.

इसके अलावा, सरकार ने मंदिरों की जमीन पर अतिक्रमण रोकने और ट्रस्ट में न्यासियों की संख्या बढ़ाकर 25 करने का प्रावधान भी किया है. हालांकि यह संशोधन विधेयक सदन में पारित हो गया है, लेकिन संशोधन प्रस्ताव रखते ही सदन में गर्मा गया.

पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने संशोधन पर उठाए सवाल
पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने इस संशोधन पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मंदिरों से धन लेकर गौ संरक्षण करना संभव नहीं है. प्रदेश सरकार गौ संरक्षण के लिए बजट का प्रावधान करे. इस दौरान पूर्व सीएम बोले कि हमारी सरकार ने गो संरक्षण के लिए 10 करोड़ का बजट का प्रावधान किया था.

वीरभद्र सिंह ने कहा कि अन्य वस्तुओं पर कर लगाकर सरकार गौ संरक्षण कर सकती है. कुछ मंदिरों के पास धन की कमी है. वहीं, सीएम जयराम ठाकुर ने वीरभद्र सिंह के सवालों का जवाब दिया और कहा कि गौ संरक्षण के लिए सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा. विपक्ष प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर इत्मिनान रखे.

ये संशोधन विधेयक हुए पारित
बजट सत्र के 16वें दिन की सदन में हिन्दू सार्वजनिक धार्मिक संस्था और पूर्त विन्यास विधेयक 2018 पारित हुआ. सीएम जयराम ठाकुर ने विधेयक में संशोधन का प्रस्ताव रखा था. इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश नगर और ग्राम योजना विधेयक 2018 भी चर्चा के बाद पारित हुआ. शहरी एवं विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने इसे सदन में रखा था. हिमाचल प्रदेश एकल खिड़की विधेयक-2018 भी चर्चा के बाद पारित हुआ. इसे उद्योग मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर ने सदन के पटल पर रखा था.

5 अप्रैल बजट सत्र का आखिरी दिन
हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र पांच अप्रैल को खत्म होगा. छह मार्च से यह शुरू हुआ था. वीरवार को सदन में 3 संशोधित बिलों पर चर्चा होगी. दो बिल का प्रस्ताव सीएम जयराम ठाकुर ने सदन में रखा है. वहीं एक बिल का प्रस्ताव शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सदन में रखा है.

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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