भाजपा ने मालवा-निमाड़ की 66 में से 47 सीट घोषित, इंदौर में असमंजस बरकरार
इंदौर। भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 177 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। इसके साथ ही चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति का कुछ हद तक खुलासा हुआ है। खासतौर से पार्टी ने मालवा-निमाड़ को लेकर काफी सतर्कता बरती है। मालवा-निमाड़ की 66 सीटों में पार्टी ने 47 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं।
इनमें महेश्वर से मौजूदा विधायक राजकुमार मेव का टिकट कटा है। वहीं पार्टी के सबसे मजबूत गढ़ इंदौर से एक भी नाम सूची में शामिल नहीं हैं। पार्टी ने आलीराजपुर, जोबट,मंदसौर, मनासा, सुवासरा, नीमच, जावद के टिकट रिपीट किए हैं वहीं धार, झाबुआ में सहमति नहीं बन पाने के कारण कुछ सीटों को होल्ड कर दिया गया है।
चुनावी इतिहास बताता है कि मध्यप्रदेश की सत्ता की चाबी मालवा-निमाड़ क्षेत्र के पास है। जिसने भी मालवा-निमाड़ जीत लिया, प्रदेश में सरकार उसी की बनती है। ऐसे में भाजपा ने चौथी बार सत्ता हासिल करने के लिए मालवा-निमाड़ पर सबसे ज्यादा फोकस किया है। साल 2013 में हुए चुनावों में मालवा-निमाड़ की 66 सीटों में से भाजपा ने 56 सीटें जीतीं थी जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ 9 सीटों आईं थी। मालवा की 50 में से 45 और निमाड़ की 16 सीटों में से 11 में भाजपा जीतीं थी। भाजपा अपना पिछला परफॉरमेंस दोहराना चाहती है, इस लिहाज से पार्टी ने कुछ बदलाव भी किए हैं।
पार्टी ने शाजापुर जिले की 3 सीटोंं पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। जबकि आगर से मौजूदा विधायक गोपाल परमार का टिकट काटते हुए पार्टी ने सांसद मनोहर ऊंटवाल को यहां से उम्मीदवार बनाया है। वहीं सुसनेर से मुरली पाटीदार को रिपीट किया है। पार्टी ने शाजापुर, शुजालपुर और कालापीपल के प्रत्याशियों के नाम रोक दिए हैं।
इसी तरह खरगोन की सभी 6 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। यहां भीकनगांव से धूलसिंह डावर, बड़वाह से हितेंद्रसिंह सोलंकी, महेश्वर से पूर्व विधायक भूपेंद्र आर्य, कसरावद से आत्माराम पटेल, खरगोन से बालकृष्ण पाटीदार और भगवानपुरा से जमनासिंह सोलंकी को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने खरगोन के ती 3 उम्मीदवार बदले हैं। भीकनगांव, महेश्वर और भगवानपुरा में बदलाव करते हुए पार्टी ने पूर्व विधायकों को फिर टिकट दिया है।
इसी तरह उज्जैन में उज्जैन उत्तर से पारस जैन, तराना से अनिल फिरोजिया, घट्टिया से अशोक मालवीय, नागदा-खाचरौद से दिलीप शेखावत को उम्मीदवार बनाया गया है।
भाजपा ने आलीराजपुर और जोबट में वर्तमान विधायक को ही टिकट दिया गया है। भाजपा की सूची के बाद के समीकरण और पहले की उठापठक पर खबर की जा सकती है। इसमें संतुलन आवश्यक है।
इधर नीमच जिले की मनासा सीट पर भाजपा ने प्रत्याशी बदला है। यहां से पार्टी ने माधव मारू को मौका दिया है। पार्टी ने पूर्व मंत्री कैलाश चावला को मौका नहीं दिया है। नीमच से दिलीप सिंह परिहार व जावद से ओमप्रकाश सकलेचा को दोबारा मौका दिया गया।
भाजपा ने झाबुआ में केवल एक सीट से उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि 2 सीटों पर उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं।
इधर रतलाम में रतलाम शहर से चेतन कश्यप, जावरा से राजेंद्र पांडे और आलोट से जितेंद्र गहलोत को दोबारा मौका दिया गया है। वहीं सैलाना और रतलाम ग्रामीण में दोनों विधायकों का पत्ता काटते हुए पार्टी ने सैलाना से नारायण मईडा और रतलाम ग्रामीण से दिलीप मकवाना को प्रत्याशी बनाया गया है।
इसी प्रकार मंदसौर में मंदसौर से यशपालसिंह सिसोदिया, मल्हारगढ़ से जगदीश देवड़ा, सुवासरा से राधेश्याम पाटीदार को रिपीट किया। गरोठ के लिए उम्मीदवार की घोषणा फिलहाल रोकी गई है।
इधर देवास में भी पार्टी ने परिवर्तन किया है। बागली विधायक का टिकट काटते हुए पार्टी ने पहाड़सिंह कन्नौजे को प्रत्याशी बनाया है। कन्नौजे डीएसपी के पद इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे। इसी प्रकार देवास से गायत्री राजे पंवार, हाट पिपल्या से दीपक जोशी, खातेगांव से आशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं सोनकच्छ का मामला होल्ड पर रखा गया है। यहां से राजेंद्र वर्मा विधायक हैं।
इधर खंडवा की 4 सीटों की बात की जाए तो मांधाता से नरेंद्र सिंह तोमर, हरसूद से मंत्री विजय शाह, खंडवा से देवेंद्र वर्मा और पंधाना से श्रीराम डोंगरे को उम्मीदवार बनाया है।
बुरहानपुर से मंत्री अर्चना चिटनी, नेपानगर से मंजू राजेंद्र दादू और भीखनगांव से धूल सिंह डाबर को उम्मीदवार बनाया है। इधर धार से पार्टी ने नीना वर्मा पर फिर भरोसा जताया है।
भाजपा ने बड़वानी में अपने चारों उम्मीदवार रिपीट किए हैं यानि जिन्होंने पिछला चुनाव लड़ा था उन्हें ही मौका दिया गया है। बड़वानी से प्रेमसिंह पटेल, सेंधवा से अंतरसिंह आर्य, राजपुर से देवीसिंह पटेल और पानसेमल से दीवानसिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया गया है।

