शहर में धड़ल्ले से जारी वाहनों में बम्पर का उपयोग
जबलपुर नगर प्रतिनिधि। केन्द्रीय सड़क और परिवहन मंत्रालय ने भले ही वाहनों में बम्पर गार्ड लगाना प्रतिबंधित कर दिया हो लेकिन शहर में इसका इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा है।बड़ी संख्या में लोग लक्जरी गाडिय़ों में बम्पर गार्ड लगवा रहे है। महज अपनी कीमती वाहना बचाने के चक्कर में वाहन चालक अपनी बेशकीमती जान जोखिम में डाल रहे है। जानकारी के अनुसार शहर में प्रतिदिन सात से आठ लोग बम्पर गार्ड लगवा रहे है। शहर की विभिन्न कार एसेसरीज दुकानों में ये बम्पर गार्ड धड़ल्ले से बेचे जा रहे है। महज चंदरूपयो की कमाई के फेर में ये दुकान संचालक वाहन की सेफ्टी का हवाला देकर ग्राहकों की जान जोखिम में डाल रहे है।मोटर स्टैण्ड सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों में खड़े वाहनों में ये बम्पर गार्ड लगे देखे जा सकते है।
क्यूं नही लगवाएं बम्पर गार्ड
केन्द्रीय परिवहन मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि ये बम्पर गार्ड भारी टक्कर लगने के समय घातक साबित हो सकते है। दरअसल वाहन का डिजाईन बनाते समय इंजन को इस तरह से डिजाईन किया जाता है जिससे भारी टक्कर लगने पर सारा बल वाहन के आगे का हिस्सा झेल लेता है और वाहन के भीतर बैठे लोगों पर इस घातक टक्कर का प्रभावी असर नही हो पाता है। लेकिन बम्पर गार्ड गाड़ी के अहम ढांचे में फिट किये जाते है जिससे टक्कर लगने पर समूचे वाहन में यह बल प्रसारित हो जाता है और वाहन सवार लोगों की जान पर बन जाती है।
ये आदेश हुए जारी
परिवहन मंत्रालय ने अपने आदेश में चारपहियां वाहनों में बम्पर गार्ड को गैर कानूनी घोषित करते हुए वाहनों में ना लगाने के आदेश जारी किए जा चुके है। यह निर्देश भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय की निदेशक प्रियंका भारती के आदेश पर जारी किया है। इनमें ऐसे वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 1998 के सेसेक्श 52 के उल्लंघन के तहत 500 रू, 1000 रू जुर्माना या तीन महीने की कैद भी हो सकती है।
ऑटो में हो रहा धड़ल्ले से उपयोग
जिन ऑटो या वाहनों में बंपर गार्ड या लोहे की रॉड लगी होती है। वह अपने आप को सुरक्षित मानते हुए वाहनों गलत तरीके से चलाते हैं और इससे दूसरे वाहन स्वामियों के साथ हादसा हो जाता है। जबलपुर में कई चालकों ने ऑटो के साइड में लोहे के पत्ती लगवा रखी है और जिससे अन्य वाहनों में क्षति हो जाती है जबकि उनके ऑटो में खरोंच तक नहीं आती है।
