राष्ट्रीय

पुलिस अफसर का बेटा निकला आंतकी पुलवामा हमले की पीछे 17 साल का बेटा अहमद खांडे

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक शिविर पर भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने आज फिदायीन हमला किया। इस आतंकी हमले में अब तक 5 जवान शहीद हो गए और 2 अन्य घायल हुए हैं। वहीं सेना के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है।

 

सेना ने जैश के 2 आतंकियों को ढेर कर दिया। सीआरपीएफ कैंप पर हमला करने वाले दो आतंकियों की पहचान हो गई है।
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दोनों आंतकियों की हुई पहचान
ये दोनों जम्मू-कश्मीर के ही रहने वाले थे। इनमें से एक जम्मू-कश्मीर पुलिस में तैनात पुलिस अफसर का 17 साल का बेटा है। एक का नाम मंजूर अहमद बाबा जबकि दूसरे का नाम फरदीन अहमद खांडे है। बाबा पुलवामा का ही रहने वाला था जबकि खांडे बुरहान वानी के इलाके त्राल का था। खांडे के पिता गुलाम मोहम्मद खांडे जम्मू-कश्मीर पुलिस में ही अफसर हैं। फरदीन महज 17 साल का था और दसवीं क्लास में पढ़ता था। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, वो तीन महीने पहले ही जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था।
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जैश-ए-मोहम्मद ने ली हमले की जिम्मेदारी
मीडिया को Whatsapp मेसेज भेजकर जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली। आतंकी संगठन का कहना है कि यह फिदायिन हमला उनके आतंकी कमांडर नूर त्राली की मौत का बदला लेने के लिए किया गया है।गौरतलब है कि साल 2016 में जैश-ए-मोहम्मद ने ही पठानकोट एयरबेस पर नए साल के जश्न के बीच ही हमला किया था। तब 1 जनवरी की रात हुए इस हमले में 7 सैनिक शहीद हो गए थे। उस समय मुठभेड़ 80 घंटे तक चली थी। बताया जा रहा है कि यह अचानक किए गए सबसे खतकनाक हमलों में से है। रविवार दोपहर तक दोनों ओर से गोलीबारी होती रही, जिसके बाद सेना को सफलता मिली।
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मुठभेड़ में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान
आपको बता दें कि इस मुठभेड़ में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी कुलदीप रॉय (निरीक्षक), बाला राजौरी के दादसिनी निवासी हैडकांस्टेबल तुफैल अहमद, बडगाम के चादूरा निवासी कांस्टेबल शरीफउद्दीन गनिया, राजस्थान के गोरीसार चुरु निवासी राजिन्दर नैन, ओडिशा के सुन्दरगढ़ निवासी प्रदीप कुमार पांडा है।  घायल हुए सीआरपीएफ जवानों में नरेन्द्र कुमार, मालम समाधान और मालाराम हैं।

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