Sunday, May 10, 2026
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धरने पर बैठी अलका लांबा, किया हाई वोल्टेज ड्रामा

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) की विधायिका अलका लांबा पुरानी दिल्ली के मशहूर और अतिव्यस्त बाजार चांदनी चौक में गुरुवार को वाल्मीकि जयंती के मौके पर एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पहुंची थी। लेकिन जाम से तंग होकर वो कार्यक्रम को छोड़ धरने पर बैठ गईं।

दरअसल, अलका चांदनी चौक इलाके में भारी जाम, अवैध पार्किंग और बीच सड़क पर हो रही सामानों की लोडिंग-अनलोडिंग के कारण भड़क उठी थीं। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस एवं स्थानीय थाने में संपर्क करना चाहा लेकिन फोन न उठाए जाने से संपर्क नहीं हो सका। जिससे नाराज होकर वो लोड-अनलोड हो रहे सामानों के ढेर पर ही बैठ गईं और कहा कि जबतक हालात नहीं सुधरेंगे वे वहां से नहीं उठेंगी।

वे वहां करीब दो घण्टे तक धरनारत थी जिस दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। विधायिका को धरने पर बैठा देख आसपास के लोग और चांदनी चौक के व्यापारी वहां जमा हो गए। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने भी स्थानीय पुलिस और नगर निगम की अफसरों की मिलीभगत बताते हुए विधायक से शिकायत की कि सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बावजूद बाजार में अवैध पार्किंग और सामानों के लोडिंग-अनलोडिंग का सिलसिला जारी है।

करीब दो घंटे बाद दो थानों के एसएचओ ने पहुंचकर विधायक को अगले दिन तक बाजार को जाम और अवैध पार्किंग से मुक्त करा लिए जाने का आश्वासन दिया, तब अलका लांबा धरने पर से हटीं। इसके बाद अलका लांबा एसएचओ की कार्रवाई का जायजा लेने आज फिर चांदनी चौक पर आप के कार्यकर्ता के साथ पहुंची जिनके हाथों में नारे ‘रूष्टष्ठ की दादागिरी नहीं चलेगी’। लिखे पट्टे भी थे। अलका लांबा ने खुद वहीं से फेसबुक लाइव किया और कहा कि वो ढाई सालों से एमसीडी और दिल्ली पुलिस का तमाशा देख रही हैं।

अलका ने यह भी जानकारी दी कि जब वह बाजार में आ रही थी तो चार ट्रैफिक पुलिस वाले वहां आराम से बैठे हुए थे, जब उन्होंने बाजार का ट्रैफिक सुधारने के लिए कहा तो उन्होंने उनकी ड्यूटी जुलूस के  लिए लगी होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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