राजगढ़। जिले की मोहनपुरा सिंचाई परियोजना देश की ऐसी पहली परियोजना है, जिससे सबसे लंबी प्रेशरयुक्त पाइप वाली अंडरग्राउंड नहर से 1 लाख 35 हजार हेक्टेयर जमीन में सिंचाई की जाएगी। इस परियोजना का लोकार्पण 23 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे।
पहले चरण में इस साल कालीपीठ क्षेत्र में 25 हेक्टेयर की पथरीली जमीन में सिंचाई की जाएगी। अन्य क्षेत्रों में अंडरग्राउंड पाइप बिछाने का काम जारी है। नेवज नदी पर बने मोहनपुरा डैम से जो पाइप लाइन डाली जा रही है।
3800 करोड़ लागत की इस परियोजना के तहत 1 लाख 35 हजार हेक्टेयर रकबे को सिंचित करने के लिए खेतों तक अंडरग्राउंड पाइप लाइन डाली जा रही है। यह देश की पहली लंबी पाइपलाइन है, जिससे प्रेशर से खेतों में सिंचाई की जाएगी।
यह होगा फायदा
खुली नहर से अधिकांश पानी बीच में फिजूल बह जाता है, जो खेतों तक नहीं पहुंच पाता है। जबकि अंडरग्राउंड पाइप लाइन से खेतों तक पानी पहुंचाने से एक-एक बूंद पानी का उपयोग सिंचाई में हो सकेगा। इस पद्धति से पानी फिजूल नहीं बहेगा और डबल रकबे में सिंचाई होगी। यह प्लान जलसंसाधन विभाग ने सरकार के सामने पेश किया था। तबसे प्रदेश में खुली नहर से सिंचाई के सिस्टम को खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
25 हजार हेक्टेयर भूमि में इसी साल से सिंचाई
मोहनपुरा डैम से 1 लाख 35 हजार 300 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी, लेकिन इस साल से कालीपीठ क्षेत्र की 25 हजार हेक्टयेर पथरीली जमीन में सिंचाई शुरू की जाएगी। अगले साल से शेष बच रही 1 लाख 10 हजार हेक्टेयर में सिंचाई शुरू होगी।
प्रदेश में पहला प्रयोग
मध्यप्रदेश में प्रेशरयुक्त पाइपलाइन से सिंचाई करने का पहली बार प्रयोग मोहनपुरा डैम से ही किया जाएगा। इसके पहले प्रयोग के तौर पर कहीं पूर्ण रूप से प्रेशरयुक्त पाइपलाइन का प्रयोग बतौर नहरों के रूप में नहीं किया गया है। मोहनपुरा डैम के बाद दूसरे नंबर पर संभवत: गरोठ स्थित गांधी सागर बांध से इस प्रकार पानी सप्लाई करने की तैयारी की जा रही है।
देश की पहली लंबी परियोजना
मोहनपुरा सिंचाई परियोजना देश की पहली परियोजना है, जिसमें सबसे लंबी प्रेशरयुक्त पाइप वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इससे जिले की 1 लाख 35 हजार हेक्टेयर जमीन में सिंचाई की जाएगी। पहले चरण में इस साल से कालीपीठ क्षेत्र की 25 हजार हेक्टेयर जमीन में सिंचाई होगी।
बीएस राजौरे, प्रोजेक्ट मैनेजर मोहनपुरा डैम राजगढ़

