दूसरे दलों से कांग्रेस में आए पैराशूटर्स के टिकट पर संकट ! विगढ़, कटनी सहित यहां हो रहा विरोध
भोपाल। विधानसभा चुनाव में उतरने के लिए कई नेता सालों तक क्षेत्र में मेहनत करते हैं, लेकिन जब उन्हें अपनी मौजूदा पार्टी से उम्मीद टूटती दिखाई देती है तो वे दल-बदल करते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐसे पैराशूटर्स को टिकट नहीं देने के फैसले को मध्यप्रदेश में दूसरी बार दोहराया है। ऐसे में अब जो दर्जनभर नेता यहां-वहां से आए हैं, उनके टिकट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। वहीं, दूसरे दलों के नेताओं को लाने वाले कांग्रेस नेता टिकट की जुगाड़ की कोशिशें पूरी कर रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भोपाल में 17 सितंबर को कार्यकर्ता संवाद और 30 अक्टूबर को इंदौर में पत्रकारों से चर्चा में साफ-साफ शब्दों में कहा कि दूसरे दलों से आने वाले पैराशूटर्स को विधानसभा में प्रत्याशी नहीं बनाया जाएगा।
पार्टी अध्यक्ष के इस बयान के बाद कांग्रेस में कुछ दिनों में दूसरी राजनीतिक पार्टियों से आए नेताओं की टिकट की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। कुछ नेताओं का तो स्थानीय स्तर पर विरोध भी शुरू हो गया है, जिसमें कटनी से सुनील मिश्रा, विजयराघौगढ़ से पद्मा शुक्ला, नरसिंहपुर के गोटेगांव से शेखर चौधरी और तेंदूखेड़ा से संजय शर्मा के विधानसभा क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।
पद्मा शुक्ला को टिकट की उम्मीद पर हो रहा विरोध
पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के माध्यम से छिंदवाड़ा में कांग्रेस ज्वाइन करने वाली पद्मा शुक्ला कटनी की विजयराघौगढ़ विधानसभा सीट से टिकट की उम्मीद में हैं। दरअसल 2013 में कांग्रेस के संजय पाठक ने तब भाजपा प्रत्याशी के रूप में उतरीं पद्मा शुक्ला को 929 वोटों से हराया था। इस बीच संजय पाठक के भाजपा में जाने के बाद उन्हें उपचुनाव में 54 हजार से जीत मिली । यहां कांग्रेस नेता नीरज सिंह बघेल, सक्रिय हुए लेकिन पीसीसी अध्यक्ष के माध्यम से कांग्रेस में आईं पद्मा शुक्ला को विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाए जाने की पूरी संभावनाएं हैं। इससे सरकार के खिलाफ पांच साल कांग्रेस की ओर से लड़ाई लड़ने वाले कार्यकर्ता नाराज हैं। विजयराघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बिरही व सिनगोड़ी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को बैठक कर आयातित नेताओं को टिकट नहीं दिए जाने का फैसला किया।
संजय शर्मा का भी विरोध
यह स्थिति मंगलवार को तेंदूखेड़ा के भाजपा विधायक संजय शर्मा के कांग्रेस ज्वाइन करने पर नरसिंहपुर जिले के बरमान में कांग्रेस के एक ट्रेनिंग प्रोग्राम में कार्यकर्ताओं को पता लगा तो वहीं सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी के साथ प्रस्ताव पारित कर दिया था।
...और भी कई जगह नाराजगी
इसी तरह सिंगरौली में भुवनेश्वर सिंह राजा बाबा की सीट पर रेणु शाह को विकल्प के रूप में कांग्रेस ने सदस्यता दिलाई है। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के माध्यम से रेणु कांग्रेस में आई हैं और इससे भुवनेश्वर सिंह राजा बाबा का टिकट कटने की संभावना है। भुवनेश्वर सिंह नेता प्रतिपक्ष सिंह के जीजाजी हैं और उनके पारिवारिक रिश्तों में पिछले दिनों के घटनाक्रम से पहले से भी ज्यादा दूरियां हो गई हैं।
वहीं, गोटेगांव में पीसीसी अध्यक्ष नाथ ने शेखर चौधरी को पार्टी ज्वाइन कराई है, जिससे उस सीट पर दावेदारी कर रहे एनपी प्रजापति का टिकट खतरे में पड़ सकता है। इससे सिंगरौली व गोटेगांव की सीटों पर बाहर से आए नेताओं को टिकट मिलने पर विरोध के स्वर पनपने की आशंका हैं।
रतलाम में सकलेचा का नाम
इसी तरह मुडवारा, भांडेर, सीहोरा, रतलाम शहर विधानसभा क्षेत्रों पर उतरे पैराशूटर्स के कारण स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी झलकने लगी है। मुडवारा में भाजपा से सुनील मिश्रा को पार्टी में लाया गया है, जहां युवा नेता के रुप मे मनु दीक्षित, तो वही वरिष्ठ नेता मिथलेश जेन, विजेंद्र मिश्र जैसे नेता लंबे समय से काम कर रहे हैं, तो भांडेर में कमलापत आर्य को लाया गया है, जहां पूर्व मंत्री महेंद्र बौद्ध मेहनत कर रहे थे।
यही स्थिति सीहोरा विधानसभा सीट की है, जहां पूर्व मंत्री नन्हे धुर्वे अपनी बेटी को टिकट दिलाने की कोशिश में थे, लेकिन वहां खिलाड़ी मार्को का नाम पैनल में टॉप पर बताया गया। पैराशूटर्स में निर्दलीय विधायक रहे रतलाम शहर के पारस सकलेचा का नाम भी है, जिनके लिए एआईसीसी महासचिव और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया भी प्रयासरत हैं।

