तीसरी आंख का काम करेगा ई.पेट्रोलिंग एप: ट्रेनों में एस्कॉटिंग टीम पर भी रहेगी नजर
जबलपुर नगर संवाददाता। रेल संपत्तियों व यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे बोर्ड इन दिनो एक ऐसा ई.पेट्रोलिंग एप तैयार कर रहा है जो तीसरी आंख का काम करेगा साथ ही ट्रेनों में स्कार्टिंग करने वाले आरपीएफ जवानों पर भी नजर रखेगा इसका उपयोग इन दिनों पश्चिम रेलवे के कुछ मंडलों पर किया जा रहा है जिसके बाद उसे पश्चिम मध्य रेलवे सहित तमाम रेल जोनों मेें किया जायेगा एक जानकारी के अनुसार पहले चरण में पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल में आने वाले सभी बड़े स्टेशनों पर इसका प्रयोग किये जाने की तैयारी है यहां के स्टेशनों की दीवारों पर एप का क्यूआर कोड लगाने की योजना बनाई जा रही है एक्सप्रेस ट्रेनों में भी क्यूआर कोड लगाए जाएंगे अभी लंबी दूरी की ट्रेनों में चार से पांच आरपीएफ जवान पेट्रोलिंग ड्यूटी पर होते हैं इनमें एक जवान इंजन के पास वाले कोच, दो जवान आरक्षित व एसी कोच में और दो जवान पीछे वाले गार्ड कैबिन कोच में तैनात होते हैं कंट्रोल रूम से इनका संपर्क वायरलेस के जरिए होता है ई.पेट्रोलिंग एप से दो आरपीएफ जवानों से ही यात्रियों की सुरक्षा काफी आधुनिक तरीके से की जा सकेगी।
इस तरह काम करेगा एप-सबसे पहले मेल ट्रेनों की दीवार पर प्रिफेब्रिकेटेड क्यूआर कोड लगाए जाएंगे इसे सभी आरपीएफ जवानों को अपने स्मार्ट फोन में डाउनलोड करना होगा ड्यूटी के दौरान इस एप के माध्यम से जवानों को हर दो घंटे में अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करना होगा इसके बाद कंट्रोल रूम को जवानों की लोकेशन मिलेगी आपातकालीन स्थिति में चलती ट्रेन में जवानों की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें तुरंत मौके पर तैनात किया जा सकेगा रेल अधिकारियों का कहना है कि जनवरी से यह योजना शुरू होने की संभावना है ट्रेनों में एस्कॉर्टिंग टीम पर इस एप से नजर रखी जा सकेगी सबसे पहले यह सुविधा राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस में शुरू की जाएगी।








