टीकाकरण के पहले दिन ही कांग्रेस ने खड़े किए सवाल, कहा- जब वैक्सीन इतनी ही सुरक्षित तो सरकार में किसी ने क्यों नहीं लगवाई
आखिरकार देश में शनिवार को वह घड़ी आ ही गई, जिसका करोड़ों लोगों को सालभर से बेसब्री से इंतजार था। भारत में कोरोना के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। हालांकि, टीकाकरण के शुरू होने के महज कुछ ही घंटों में कांग्रेस ने अभियान पर सवाल खड़े कर दिए। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि कई जाने-माने डॉक्टरों ने कोवैक्सीन के प्रभावी होने पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, पूरी दुनिया में कई नेताओं ने आगे आकर खुद टीका लगवाया है, लेकिन भारत में सरकार से जुड़े किसी नेता ने ऐसा नहीं किया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने वैक्सीन्स के इस्तेमाल की मंजूरी की प्रकिया पर सवाल खड़े करते हुए दावा किया कि टीकों की इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी देने के लिए कोई नीतिगत ढांचा नहीं है। मनीष तिवारी ने कहा, ”कई प्रख्यात डॉक्टरों ने सरकार के सामने कोवैक्सीन के प्रभावी और सुरक्षा के संबंध में सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि वे नहीं चुन सकेंगे कि उन्हें कौन सी वैक्सीन लेनी है। यह सहमति के पूरे सिद्धांत के खिलाफ जाता है।” उन्होंने आगे कहा कि अगर वैक्सीन इतनी सुरक्षित और विश्वसनीय है और इसकी एफिकेसी सवाल से परे है तो फिर यह कैसे हो सकता है कि सरकार से जुड़ा कोई भी खुद के टीकाकरण के लिए आगे नहीं आया, जबकि दुनिया के अन्य देशों में ऐसा ही हुआ है।” बता दें कि देश में सबसे पहले हेल्थकेयर वर्कर्स को टीका लगाया जा रहा है।
If the vaccine is so safe & reliable & efficacy of the vaccine is beyond question then how is it that not a single functionary of the government has stepped forward to get themselves vaccinated as it has happened in other countries around the world?: Congress MP Manish Tewari https://t.co/M1PdUV96Xr
आज तीन लाख स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लग जाएगा। वहीं, आम जनता को टीका लगने से पहले बुजुर्गों को लगाया जाएगा। इसी तरह, टीकाकरण में नेताओं को किसी भी तरह की प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। पीएम मोदी ने भी पिछले दिनों सभी सांसदों और विधायकों को प्राथमिकता से कोरोना का टीका दिलाने की मांग को साफ न कह दिया था। उन्होंने कहा था कि इससे जनता में गलत संदेश जाएगा।