Saturday, May 16, 2026
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ज्ञान गंगा इंजीनियरिंग कॉलेज का मामला: कॉशनमनी को लेकर प्रबंधन और छात्रों के बीच विवाद

जबलपुर। शहर के प्रतिष्ठित माने जाने वाले ज्ञान गंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों और प्रबंधन के बीच कॉशनमनी को लेकर विवाद चल रहा है जिसके चलते नौबत हाथापायी तक पहुंच गयी। जिसका एक वीडियो भी वारयल mहुआ है जिसमें साफ दिख रहा है कि प्रबंधन किस तरह कॉशनमनी देने में आनाकानी कर रहा है और  मामला छात्रों पर हाथ छोड़ने तक पहुंच गया।

यह है वीडियो में
ज्ञान गंगा इंजीनियरिंग कॉलेज का जो वीडियो वारयल  हुआ है उसमें दो छात्र ज्ञान गंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के पंकज गोयल से अपने कॉशनमनी की मांग कर रहे हैं जिस पर पंकज गोयल का कहना है कि वे
एह्रश्वलीकेशन दें उसके बाद पैसा दिया जाएगा। जिस पर छात्रों ने कहा कि वे दो बार कॉशनमनी के लिए
आवेदन दे चुके हैं अब तीसरी बार आवेदन यों मांग रहे हैं जिस पर पंकज गोयल का कहना था कि उन्हें
आवेदन नहीं मिला है आवेदन उन तक पहुंचाया जाए जिसके बाद छात्रों ने बताया कि उन्होंने कॉलेज
प्रींसीपल को दो बार आवेदन दिया हुआ था जिस पर पंकज गोयल ने कहा कि वे प्रिंसीपल से ही जाकर
बात करें जिस पर एक छात्र ने फिर से छाऋवृिा देने या न देने की बात कही जिसके बाद पंकज गोयल ने
खींच कर छात्र पर हाथ उठा दिया और छात्रों को कॉलेज से बाहर जाने कहने लगे।
कर रहे आनाकानी
जिन छात्रों के साथ यह घटना हुई उनका कहना है कि वे लंबे समय से कॉलेज के चकर काट रहे हैं लेकिन
कॉलेज प्रबंधन एक मामूली सी रकम देने में आनाकानी कर रहा है जबकि एडमीशन के समय
आश्वासन दिया गया था कि यह पैसा फायनल ईयर के बाद लौटा दिया जाएगा पहले कॉलेज प्रिंसीपल
उन्हें लटकाता रहा उसके बाद अब प्रबंधन के लोग लटका रहे हैं। छात्रों ने बताया कि जब उन्होंने अपने
पैसे लेने की जिद की तो पंकज गोयल के द्वारा उनके साथ मारपीट कर दी गयी। नौबत हाथापायी तक पहुंची,

पैसा देने में आनाकानी कर रहा कॉलेज,यह है कॉशनमनी
सामान्यतः कॉलेजों व स्कूलों में एडमीशन के समय छात्रों से एक सुरक्षानिधी जमा करायी जाती है जिसे
कॉशनमनी कहते हैं। नियमानुसार यह राशि छात्र के कॉलेज या स्कूल छोड़ते समय संस्थान को वापस कर
देना चाहिए लेकिन ज्ञानगंगा यह राशि देने में आनाकानी कर रहा है। यह कोई पहला मामला नहीं है जबकि छात्रों और प्रबंधन के बीच कॉशनमनी को लेकर तूतू मैंमैं हुई हो। फायनल ईयर के बहुत से छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन यह पैसा डकारना चाहता है जिस कारण उन्हें चकर लगवाए जा रहे हैं। बहुत छात्रों ने तो थक हारकर कॉशनमनी का न लेने का निर्णय ले लिया है वहीं पंकज गोयल का कहना है कि छात्र कॉशनमनी लेने आये हुए थे जिनसे आवेदन पत्र देने की बात कही गयी लेकिन वे उसके लिए तैयार नहीं थे और बद्ामीजी से बात कर रहे थे। पंकज गोयल ने किसी भी मारपीट कीm घटना से साफ इनकार किया है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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