रामपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: तत्कालीन DM पर अमर्यादित टिप्पणी मामले में आजम खां को 2 साल की सजा, जुर्माना भी लगा
रामपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: तत्कालीन DM पर अमर्यादित टिप्पणी मामले में आजम खां को 2 साल की सजा, जुर्माना भी लगा। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को रामपुर की एक अदालत ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) पर आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में आजम खां को दोषी करार देते हुए दो साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
रामपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: तत्कालीन DM पर अमर्यादित टिप्पणी मामले में आजम खां को 2 साल की सजा, जुर्माना भी लगा
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2019 के आम चुनाव के दौरान का है, जब भोट थाना क्षेत्र में आजम खां के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन और तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
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एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबे समय से इस मामले की सुनवाई चल रही थी।
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शनिवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आजम खां को दोषी पाया और सजा का ऐलान किया।
दो पैन कार्ड मामले में सजा बढ़ाने की अपील पर बहस शुरू, 18 मई को अगली सुनवाई
दूसरी तरफ, आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से जुड़े ‘दोहरे पैन कार्ड मामले’ में भी कानूनी सरगर्मी तेज हो गई है। शुक्रवार को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में दोनों की सजा बढ़ाने को लेकर दायर अपील पर सुनवाई हुई।
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:
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निचली अदालत का फैसला: हाल ही में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दो पैन कार्ड रखने के मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दोषी मानते हुए सात-सात साल की जेल और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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सेशन कोर्ट में अपील: इस फैसले के खिलाफ जहां बचाव पक्ष ने सजा को चुनौती दी है, वहीं अभियोजन पक्ष ने इसे नाकाफी बताते हुए सजा को और बढ़ाने की अपील दायर की है।
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सुप्रीम कोर्ट के वकील की दलीलें: सरकारी अधिवक्ता (ADGC) सीमा राणा के अनुसार, सेशन कोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ने बहस शुरू कर दी है, जो फिलहाल अधूरी है।
अगली तारीख: मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इस बहस को आगे बढ़ाने और मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 मई की तारीख मुकर्रर की है।

