Saturday, May 16, 2026
Latest:
Latest

बंगाल में बड़े ऐक्शन की तैयारी: अवैध मदरसों पर चलेगा चाबुक; बीजेपी विधायक बोले- ‘मदरसे से डॉक्टर-इंजीनियर नहीं मिलते

कोलकाता:बंगाल में बड़े ऐक्शन की तैयारी: अवैध मदरसों पर चलेगा चाबुक; बीजेपी विधायक बोले- ‘मदरसे से डॉक्टर-इंजीनियर नहीं मिलते।  पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई भाजपा सरकार बड़े प्रशासनिक और नीतिगत बदलावों की तैयारी में जुट गई है। राज्य सरकार जल्द ही गैर-सरकारी और कथित तौर पर अवैध रूप से चल रहे मदरसों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू करने जा रही है, जिसकी आधिकारिक अधिसूचना जल्द ही जारी होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, सड़कों पर नमाज और विधायकों के कार्यक्षेत्र को लेकर आए बयानों ने राज्य में सियासी तापमान बढ़ा दिया है।

बंगाल में बड़े ऐक्शन की तैयारी: अवैध मदरसों पर चलेगा चाबुक; बीजेपी विधायक बोले- ‘मदरसे से डॉक्टर-इंजीनियर नहीं मिलते

‘विरोध मदरसे से नहीं, अवैध संस्थानों से है’ — सजल घोष

इस संभावित कार्रवाई पर बात करते हुए भाजपा विधायक सजल घोष ने इसे पार्टी के मुख्य एजेंडे का हिस्सा बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इस कदम को किसी समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं देखा जाना चाहिए।

सजल घोष ने कहा:

“यह मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कोई अभियान नहीं है। हमें मदरसे से डॉक्टर या इंजीनियर नहीं मिलते। हमारा विरोध मदरसों से नहीं, बल्कि बिना सहायता प्राप्त और अवैध संस्थानों से है। बंगाल में सभी अवैध संस्थानों को बंद किया जाएगा।”

सड़कों पर नमाज पर लगेगा प्रतिबंध, रेड रोड को लेकर सख्त रुख

मदरसों के अलावा, सरकार सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज पढ़ने की प्रथा को भी रोकने की योजना बना रही है। भाजपा विधायक अर्जुन सिंह ने कैबिनेट बैठक का हवाला देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कड़े निर्देश दिए हैं।

अर्जुन सिंह के अनुसार, अब सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी और लोगों को मस्जिदों के भीतर ही नमाज अदा करनी होगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि कोलकाता के रेड रोड (जो सेना के नियंत्रण में आता है) पर होने वाले बड़े धार्मिक जमावड़ों के कारण रक्षा मंत्रालय के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बाधा आती थी, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

“जिन्होंने वोट दिया, काम सिर्फ उनके लिए” — विधायक रितेश तिवारी का बयान वायरल

इस प्रशासनिक फेरबदल के बीच, काशीपुर-बेलगाछिया निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा विधायक रितेश तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

तिवारी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि वह अगले पांच सालों में केवल उन्हीं लोगों के लिए काम करेंगे जिन्होंने उन्हें चुनाव में वोट दिया है। उन्होंने मीडिया के सामने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि हालिया चुनाव में उन्हें एक भी मुस्लिम वोट नहीं मिला है, इसलिए वह उनके लिए कोई काम नहीं करेंगे और न ही कोई प्रमाण पत्र जारी करेंगे।

विपक्ष का पलटवार और सामाजिक बहस

हालांकि इन प्रशासनिक बदलावों को लेकर सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन भाजपा विधायकों के इन ताबड़तोड़ बयानों ने राज्य में एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

विपक्षी दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा सरकार धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों पर चोट कर रही है, जबकि सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह पूरी कवायद कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने और तुष्टीकरण की राजनीति को खत्म करने के लिए की जा रही है।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि