जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान मृत महिला में कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने के लिए शव से थ्रोट स्वाब के सैंपल लिए गए।
महिला को गुरुवार सुबह मेडिकल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर वेंटीलेटर पर रखा गया था, जहां आधे घंटे चले उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों का कहना है कि महिला को अति गंभीर हालत में वेंटीलेटर के बगैर कटनी से जबलपुर लाया गया था, जिसके चलते उसकी हालत और दयनीय हो गई थी।
आकस्मिक चिकत्सा कक्ष में महिला की जांच व चिकित्सक के परचे के आधार पर कोरोना वायरस का संदिग्ध मानकर महिला को भर्ती किया गया था।
जानकारी के मुताबिक निवार कटनी निवासी पूजा पति अतुल मौर्य 26 को गुरुवार सुबह साढे 9 बजे एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। पूजा को बुधवार शाम जिला अस्पताल कटनी में भर्ती कराया गया था, जिसे गुरुवार सुबह कटनी स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया।
जहां चिकित्सकों ने जबलपुर जाने की सलाह देकर रवाना कर दिया। पूजा को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, लेकिन वेंटीलेटर लगाए बगैर उसे कटनी से मेडिकल तक लाया गया जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। कटनी के चिकित्सकों ने महिला को सर्दी खांसी से पीड़ित होना बताया था, जिसके बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में वेंटीलेटर पर रखा गया।
बताया जाता है कि गत माह पूजा ने जिला अस्पताल कटनी में सीजेरियन प्रसव से संतान को जन्म दिया था। 16 मार्च को अस्पताल से जच्चा, बच्चा को छुट्टी दे गई थी। 15 अप्रैल को पूजा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सर्दी खांसी के साथ उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसके बाद स्वजन जिला अस्पताल कटनी ले गए थे।
रिपोर्ट मिलने तक शव को रखा-
कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे का अंदेशा होने पर मेडिकल प्रशासन ने महिला के शव को मरचुरी में रखवा दिया। इससे पूर्व शव से थ्रोट स्वाब के सैंपल लिए गए। रात्रि 9 बजकर 30 मिनट पर एनआईआरटीएच ने रिपोर्ट जारी की जिसमें कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव निकली। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

