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जबलपुर कलेक्टर का यक्ष प्रश्न-आखिर सौ दिन से भी अधिक अवधि से क्यों लम्बित हैं लोगों की शिकायतें 

जबलपुर। कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने आज यहां विभाग प्रमुखों से सीधा सवाल किया कि आखिर वे सौ दिन से भी अधिक अवधि गुजर जाने के बावजूद आम लोगों की शिकायतों का निराकरण क्यों नहीं कर पा रहे हैं। इस सवाल के जवाब में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सन्नाटा ही छाया रहा और अधिकारी कोई भी समाधानकारक जवाब पेश करने में नाकाम रहे।

जवाब समय-सीमा बैठक सम्पन्न 

श्रीमती भारद्वाज ने समय-सीमा बैठक के दौरान खास तौर पर विभिन्न विभागों में सौ दिन से भी अधिक अवधि से लम्बित सीएम हैल्पलाइन की शिकायतों की पड़ताल की तथा सम्बन्धित विभाग प्रमुखों से इस बाबत् सख्ती से जवाब तलब किया।

लीड बैंक की 57, सहकारिता की 32, सामान्य प्रशासन की 32, राजस्व की 148, स्कूल शिक्षा की 73 शिकायतों सहित अन्य विभागों में भी सौ दिन से अधिक समय से शिकायतों के लम्बित होने के बारे में सम्बन्धित अधिकारी कलेक्टर को कोई भी माकूल जवाब देने में नाकाम रहे।

श्रीमती भारद्वाज ने ताकीद की कि सभी विभाग सबसे पहले सौ दिन से अधिक समय से लम्बित शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह भी जरूरी है कि प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता किए गए निराकरण से पूरी तरह संतुष्ट हो।

निर्धारित फोन नम्बर पर शिकायतकर्ता द्वारा उसकी शिकायत के समाधानकारक निराकरण होने की सूचना दिए जाने पर ही समाधान दर्ज किया जाता है। अतएव अधिकारियों से अपेक्षित है कि वे शिकायतों के निराकरण के दौरान शिकायतकर्ता की संतुष्टि का ध्यान रखें।  कलेक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि सीएम हैल्पलाइन शिकायतों का एल-1 एवं एल-2 स्तर पर ही अधिकतम निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने नगर निगम, अनुसूचित जाति विकास, आदिम जाति कल्याण, शहरी विकास अभिकरण, पंचायती राज, नगर निगम, ऊर्जा विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा सहकारिता विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बड़ी संख्या में लम्बित सीएम हैल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण की दिशा में अविलम्ब कदम उठाएं।

श्रीमती भारद्वाज ने बच्चों को छात्रवृत्ति प्राप्त न होने तथा साइकिल या गणवेश प्राप्त नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए परियोजना समन्वयक से 25 अप्रैल तक इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा कि ऐसी समस्त शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। तहसीलदारों के पास बड़ी संख्या में लम्बित शिकायतों को लेकर भी कलेक्टर ने ऐतराज जताया।

कलेक्टर ने ताकीद की कि प्रत्येक जिला अधिकारी प्रतिदिन कम से कम दो बार पोर्टल का अवलोकन सुनिश्चित करें ताकि वे तत्काल नई शिकायतों से वाकिफ हो जाएं और फौरन जरूरी कार्रवाई की पहल कर सकें। ऊर्जा विभाग की शिकायतों की समीक्षा करते हुए श्रीमती भारद्वाज ने लोक सेवा प्रबंधक को लम्बित शिकायतों का उपयंत्रीवार ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि 70 फीसदी से कम निराकरण करने वाले उपयंत्रियों को नोटिस जारी कर समक्ष में उपस्थित होने को कहा जाए। श्रीमती भारद्वाज ने सीमांकन सम्बन्धी शिकायतों का निराकरण लम्बित रहने को गंभीर मसला बताते हुए अपर कलेक्टर संजना जैन को इस सम्बन्ध में अपेक्षित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।

श्रीमती भारद्वाज ने समाधान एक दिवस व्यवस्था के तहत उसी दिन निराकरण नहीं किए जाने को लेकर सख्त नाराजगी का इजहार किया। उन्होंने इस सिलसिले में सम्बन्धित नायब तहसीलदार, तहसीलदार तथा एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के निर्देश दिए। इस बारे में सभी जिला अधिकारियों को भी निरन्तर समीक्षा करने की ताकीद की गई। श्रीमती भारद्वाज ने लोक सेवा गारंटी के तहत समय-सीमा से बाहर प्रकरणों का ब्यौरा भी तलब किया।

कलेक्टर श्रीमती भारद्वाज ने बैठक में कहा कि प्रत्येक समय-सीमा बैठक में हाई कोर्ट में प्रचलित प्रकरणों की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। इस सिलसिले में उन्होंने अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों के हाई कोर्ट में लम्बित प्रकरणों के सम्बन्ध में जवाब-दावा लगाए जाने की बाबत् अफसरों से पड़ताल की। अपर कलेक्टर संजना जैन को डाटा अपडेट कराना सुनिश्चित करने को कहा गया। कलेक्टर ने आगाह किया कि सभी जिला अधिकारी 30 अप्रैल तक प्रत्येक मामले में जवाब-दावा लगा दिया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट में लम्बित प्रकरणों के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।  बैठक में सीईओ जिला पंचायत हर्षिका सिंह, अपर कलेक्टर छोटे सिंह व संजना जैन एवं सभी विभाग प्रमुख मौजूद थे।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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