कहते हैं टैलेंट किसी का मोहताज नहीं होता। चाहे कुछ भी वह बाहर निकल ही आता है। ऐसी ही कहानी अचमद जुल्कर्णनैन की है। जन्म से ही उनके हाथ-पैर नहीं हैं। लेकिन फोटो खींचने के मामले में वह उस्ताद हैं। गो-कार्ट कार भी तेज रफ्तार में दौड़ाना जानते हैं। यह सब सिर्फ और सिर्फ उनके जुनून की वजह से हुआ है। इंडोनेशिया में जावा तिमूर नाम की जगह है। यहां बानयुवांगी में अचमद (Achmad Zulkarnain) रहते हैं। उम्र में वह 24 साल के हैं। पैदा हुए थे, तब से ही उनके हाथ-पैर नहीं हैं। शुरुआत में कैमरे चलाने का चस्का लगा। जुनून इतना कर्रा था कि प्रोफेशनल फोटोग्राफर बन गए। एक से एक शानदार तस्वीरें खींच लेते हैं।
अचमद के अंगुलियां भी नहीं हैं। ऐसे में वह अपने चेहरे, मुंह और बांहों की मदद से कैमरा चलाता है। यही नहीं, तस्वीरें खींचने के बाद वह उन्हें लैपटॉप में ट्रांसफर भी करते हैं। काम निपट जाता है, तो जनाब एडिटिंग भी कर लेते हैं। मने कहीं से भी नहीं लगता कि हाथ-पैर न होना उन्होंने जुनून के बीच में दिक्कत पैदा करता है।
