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सावधान इंदौर के ‘मजनुओं’- जिसे लड़की समझकर लाइन मार रहे हो, हो सकता है वो ‘लेडी सिंघम’ हो; नंबर मांगने गए दो शहजादे पहुंचे जेल

सावधान इंदौर के 'मजनुओं'- जिसे लड़की समझकर लाइन मार रहे हो, हो सकता है वो 'लेडी सिंघम' हो; नंबर मांगने गए दो शहजादे पहुंचे जेल

सावधान इंदौर के 'मजनुओं'- जिसे लड़की समझकर लाइन मार रहे हो, हो सकता है वो 'लेडी सिंघम' हो; नंबर मांगने गए दो शहजादे पहुंचे जेल

सावधान इंदौर के ‘मजनुओं’- जिसे लड़की समझकर लाइन मार रहे हो, हो सकता है वो ‘लेडी सिंघम’ हो; नंबर मांगने गए दो शहजादे पहुंचे जेल इंदौर में रहने वाले छर्रे और गली-मोहल्ले के स्वघोषित ‘रोमियो’ जरा कान खोलकर सुन लें! अगर आप सोच रहे हैं कि रात के अंधेरे में किसी सुनसान पार्क या चौपाटी के पास किसी लड़की को अकेला देखकर आप ‘नंबर मांगो अभियान’ चला लेंगे, तो संभल जाइए। इंदौर पुलिस ने शहर के मजनुओं का ‘पोहा’ बनाने के लिए एक ऐसा सीक्रेट और कड़क ऑपरेशन शुरू किया है कि मनचलों के फ्यूज उड़ गए हैं। राजेंद्र नगर इलाके में देर रात दो ऐसे ही ‘शौकीन’ लड़कों का वो पोपट हुआ है, जिसकी चर्चा पूरे मध्य प्रदेश में हो रही है।

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झाड़ियों में कैमरा… सामने दो ‘गोपियां’ और पीछे मुस्तैद ‘कन्हैया’!

हुआ यूं कि इंदौर के पार्कों और चौपाटियों पर लड़कियों से छेड़छाड़ की शिकायतें डीसीपी साहब के कान तक पहुंच रही थीं। पुलिस ने कहा- “रुको, इनका इलाज जरा फिल्मी स्टाइल में करते हैं।” पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया।

देर रात दो महिला पुलिसकर्मियों को ‘नॉर्मल लड़कियों’ के कपड़े पहनाकर राजेंद्र नगर के रीजनल पार्क के पास खड़ा कर दिया गया। दोनों आराम से खड़ी थीं। लेकिन ट्विस्ट ये था कि आसपास के अंधेरे और झाड़ियों में सादे कपड़ों में पुरुष पुलिसवाले और बाकायदा एक वीडियोग्राफी टीम (कैमरामैन) घात लगाए बैठे थे। यानी लाइव शूटिंग का पूरा इंतजाम था!

“हेलो जी, नंबर मिलेगा क्या?”… और पीछे से आ गई ‘यमराज’ की पलटन!

कुछ ही देर में बाइक पर ‘जूम-जूम’ करते हुए दो मनचले वहां पहुंचे। दो लड़कियों को अकेला देख उनकी बांछें खिल गईं। उन्होंने तुरंत गाड़ी रोकी, बालों में हाथ फेरा, कमेंट पास किए और पूरे टशन में आकर बोले- “मैडम, जरा अपना मोबाइल नंबर तो देना!”

अब उन्हें क्या पता था कि वो नंबर नहीं, सीधे ‘जेल का टिकट’ मांग रहे हैं! महिला पुलिसकर्मियों ने मुस्कुराकर नंबर देने के बजाय अपनी टीम को एक छोटा सा इशारा कर दिया। फिर क्या था? झाड़ियों से निकलकर पुलिस की पलटन ‘यमराज’ की तरह सामने आ खड़ी हुई। कैमरे की फ्लैश लाइट चमकी और दोनों मनचलों के चेहरे का रंग ऐसे उड़ा जैसे पोहे पर से सेंव उड़ जाती है चीन की बढ़ेगी टेंशन: समंदर को मिलेगा नया ‘सिकंदर’, भारत-जर्मनी के बीच 99,000 करोड़ रुपये की सबमरीन डील तय

अयान और उजेफ का हुआ ‘तगड़ा मोये-मोये’

पकड़े गए दोनों नौजवानों के नाम अयान शेख और उजेफ खान हैं। पुलिस ने दोनों को वहीं ऑन द स्पॉट ‘प्रसाद’ दिया और गाड़ी में लादकर राजेंद्र नगर थाने ले गई। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें हवालात की ठंडी हवा खाने के लिए भेज दिया गया है। उनकी इस बहादुरी का पूरा वीडियो पुलिस के पास सुरक्षित है, जो कोर्ट में जज साहब को ‘मनोरंजन’ के लिए दिखाया जाएगा।

इंजीनियर साहब का भी हो चुका है ‘पोपट’

वैसे यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले विजयनगर पुलिस ने भी मेघदूत गार्डन में ऐसा ही स्टिंग ऑपरेशन किया था, जहां एक नामी आईटी कंपनी के पढ़े-लिखे ‘इंजीनियर बाबू’ महिला पुलिसकर्मी से नंबर मांगते हुए रंगे हाथों धरे गए थे।

इंदौर पुलिस की साफ चेतावनी: शहर के गार्डन, कैफे और सुनसान रास्तों पर सादे कपड़ों में ‘लेडी सिंघम’ घूम रही हैं। इसलिए अगर इंदौर में सुख-शांति से रहना है, तो सिर्फ पोहे-जलेबी का लुत्फ उठाएं, लड़कियों पर लाइन मारने की भूल बिल्कुल न करें। वरना अगली बार कैमरे के सामने नंबर मांगने की बारी आपकी हो सकती

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