मोतिहारी:Motihari Horror Case: कोर्ट केस, घरेलू प्रताड़ना और तालिबानी सजा; मोतिहारी में खंभे से बंधी पत्नी ने बयां किया दर्द;पति मारने लगे तो घर से भागी थी। बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में पत्नी को बिजली के खंभे से बांधने के मामले में अब पीड़ित महिला और उसके पति की तरफ से बेहद चौंकाने वाले बयान सामने आए हैं। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं के खिलाफ होने वाली घरेलू हिंसा और क्रूरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस द्वारा बंधन मुक्त कराई गई पीड़िता शोभा देवी और उसके पति विजय गिरी के बयानों से साफ है कि यह विवाद काफी पुराना है और कोर्ट तक पहुंच चुका था।
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पीड़िता शोभा देवी की आपबीती: थाने में गुहार लगाई, कोई मदद नहीं मिली
खंभे से छुड़ाए जाने के बाद रोते हुए पीड़िता शोभा देवी ने अपने पति की हैवानियत और सिस्टम की लापरवाही को बयां किया। शोभा देवी ने बताया:
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मानसिक प्रताड़ना: “मेरे पति विजय गिरी मुझसे न तो बात करते हैं और न ही मेरे हाथ का बना हुआ खाना खाते हैं। वह मुझे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।”
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थाने में नहीं हुई सुनवाई: शोभा देवी के अनुसार, इस उपेक्षा और विवाद को लेकर उन्होंने पहले भी स्थानीय थाने में लिखित आवेदन देकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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पिटाई के बाद उठाया कदम: पीड़िता ने रोते हुए कहा, “आज जब मेरे पति मुझे बेरहमी से मारने-पीटने लगे, तो अपनी जान बचाने के लिए मैं नाराज होकर घर से बाहर निकल पड़ी। लेकिन उन्होंने मुझे खदेड़कर पकड़ा और जानवरों की तरह रस्सी से खंभे में जकड़ दिया।”
पति विजय गिरी का कबूलनामा: कोर्ट में केस चल रहा है
दूसरी तरफ, जब आरोपी पति विजय गिरी से इस बर्बरता को लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपनी क्रूरता को सही ठहराने की कोशिश की। विजय गिरी ने बताया:
“मेरे और मेरी पत्नी (शोभा देवी) के बीच काफी समय से न्यायालय (कोर्ट) में मामला चल रहा है। इसकी आदत बार-बार बिना बताए घर से भाग जाने की है। आज भी यह घर छोड़कर भाग रही थी, इसी कारण मैंने इसे रस्सी से बांधकर रखा था।”
सबसे बड़ा सवाल: क्या कानून से ऊपर है पति?
इस घटना के बाद सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह खड़ा होता है कि भले ही मियां-बीवी के बीच कोई कानूनी विवाद या कोर्ट केस चल रहा हो, लेकिन क्या भारत के कानून में किसी भी पति को अपनी पत्नी को जानवरों की तरह रस्सी से बांधने और बंधक बनाने का अधिकार है? यह घटना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन और घरेलू हिंसा का एक बर्बर रूप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कल्याणपुर थाना पुलिस ने पीड़िता और उसके पिता के बयान के आधार पर आरोपी पति विजय गिरी के खिलाफ बंधक बनाने, मारपीट करने और घरेलू प्रताड़ना की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

