राष्ट्रीय

चुनाव आयोग मैदान में, राजस्थान में खेला इमोशनल कार्ड

न्‍यूज डेस्‍क। राजस्थान विधानसभा की सभी 200 सीटों पर 7 दिसंबर को मतदान होगा और 11 दिसंबर को परिणाम आएंगे। भाजपा, कांग्रेस समेत तमाम पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस बीच, चुनाव आयोग भी अपनी कोशिशों में लगा है। आयोग की सबसे बड़ी कवायद यह है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करें। इसके लिए तरह-तरह के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

बच्चे कहेंगे, पापा-मम्मी वोट जरूर दो

राजस्थान में चुनाव आयोग ने मतदान बढ़ाने के लिए स्कूली बच्चों का रुख किया है। बच्चों से कहा जा रहा है कि वे अपने माता-पिता को वोट देने के लिए प्रेरित करें। बच्चों को संकल्प पत्र दिए जा रहे हैं, जिन्हें वे अपने माता-पिता से भरवा रहे हैं।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. जोगा राम के मुताबिक, मतदान को बढ़ावा देने के लिए हमने विशेष अभियान चलाया है। बच्चों से भी कहा जा रहा है कि अपने माता-पिता के वोट देने के बाद वे उनके साथ सेल्फी खिंचवाए और इन तस्वीरों को डिस्ट्रिक्ट रिटर्निंग ऑफिसर के पास जमा कराएं। इस तरह जमा हुई तस्वीरों में से लॉटरी सिस्टम से विजेता तस्वीर निकाली जाएगी और उस परिवार को 25 जनवरी पर राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।

पिछले पांच चुनावों का औसत 66

राजस्थान के पिछले पांच विधानसभा चुनावों में मत प्रतिशत का आंकड़ा देखें तो औसत 66.49 आता है। जाहिरतौर पर आयोग इसमें सुधार की कोशिश करेगा। वैसे वोटिंग प्रतिशत के हिसाब से 2013 सबसे अच्छा चुनाव रहा था। तब पहली बार राजस्थान में 75 फीसदी से ज्यादा (75.08 फीसदी) वोटिंग हुई थी।

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