गांव बंद आंदोलन आज से, आमने-सामने हैं सरकार और किसान
श्योपुर। मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में प्रस्तावित किसान बंद आंदोलन आज से शुरू हो सकता है. मध्य प्रदेश के मंदसौर गोलीकांड के एक साल पूरे होने पर किसान संगठनों द्वारा गांव बंद के ऐलान के मद्देनजर सरकार और किसान आमने-सामने आ गए हैं.
एक ओर जहां मध्य प्रदेश सरकार आंदोलन को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगा रही है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस किसानों के मुद्दे पर हमलावर है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आरोप लगा रहे हैं कि किसानों की आड़ में कांग्रेस हिंसा फैलाना चाहती है. उनका कहना है कि कांग्रेस खूनखराबा चाहती है.
बताया जा रहा है कि मंदसौर सहित, मालवा और निमाड़ में गांव बंद आंदोलन को लेकर खासी हलचल है. भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महामंत्री अनिल यादव ने बताया कि हमारा आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है. इस दौरान गांव से अनाज, फल और सब्जी बाहर नहीं आएगी. हम अपनी मांगें लोकतांत्रिक तरीके से रखना चाहते हैं पर सरकार का रुख किसानों को उकसाने वाला है. बांड भराए गए और जिस तरह से पुलिस गांव-गांव में तैनात की जा रही है कि उससे किसान आक्रोशित है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं.
बता दें कि प्रदेशभर में एक जून हो प्रस्तावित किसान आंदोलन में हिंसा होने का इनपुट भी इंटेलीजेंस को मिला है. इंटेलीजेंस आईजी मकरंद देउस्कर का कहना है कि किसान आंदोलन करने वाले सभी संगठन शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की बात कहते हैं, लेकिन आंदोलन के समय जमीनीं हकीकत दूसरी रहती है. इसलिए पुलिस मुख्यालय ने अपने स्तर पर तैयारियां करने के साथ जिलों के एसपी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.