क्यूं ना कुलपति की नियुक्ति कर दी जाये अवैध ?

18 वकीलों की टीम अभी तक नही दे पाया कोई भी जवाब
जबलपुर, नगर प्रतिनिधि । मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर विटनरी में कुलपति की नियुक्ति के साक्ष्य प्रस्तुत करने का आदेश विटनरी विवि प्रशासन को दिए है। आज जस्टिस संजय द्विवेदी की बेंच ने ये आदेश याचिकाकर्ता अधिवक्ता पंकज पाठक द्वारा कुलपति की फर्जी तरीके से हुई नियुक्ति को लेकर दी गई की याचिका की सुनवाई करते हुए दिए। एडवोकेट पंकज पाठक की ओर उच्च न्यायालय में दिनांक २.०१.२०१८ को याचिका क्रमांक से दायर की गई है। इसमें विटनरी प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रतिवादियों ने १८ वकील मामले में नियुक्त किये है परंतु आज मात्र एक ही अधिवक्ता विटनरी प्रशासन की ओर से हाजिर हुआ है लेकिन अभी तक दस माह बीत जाने के बाद भी विटनरी विवि. प्रशासन हाईकोर्ट के समक्ष संंंंतोषजनक जवाब नहीं दे पाया । सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय द्विवेदी ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि कहा कि यह अंतिम अवसर है जिसमें अब आगे तिथि नहीं बढ़ेगी व सुनवाई २६ नवबंर को होगी। इस दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रख रहे अधिवक्ता राजेन्द्र मिश्रा ने कहा कि डॉक्टर जुयाल की नियुक्ति असंवैधानिक रूप से की गई है व इसमें प्रतिवादियों को जवाब देने का समय नही दिया जाना चाहिए।
क्या है मामला – याचिकाकर्ता पंकज पाठक ने विटनरी कॉलेज में कुलपति के पद पर डॉक्टर जुयाल की नियुक्ति को फर्जी तरीके से होना बताया है साथ ही उन पर आरोप लगाए गए है कि नियुक्ति के बाद कुलपति ने फर्जी पदों निर्मित कर अपने चहेतों को मलाईदार पदों पर नियुक्ति कर उपकृत किया है। गौरतलब है कि जिस प्रकार कुलपति रोज-रोज इस प्रकार से विवादों में फंसते नजर आ रहे है वह सोचनीय तथ्य है।
एक महीने में कई विवाद
.विटनरी में जमे है कई अधिकारी
.विद्यार्थियों को फेल करने का मामला
.बोर्ड मेम्बर्स व कुलपति के मध्य विवाद
.पीएस को खुश करने कुलपति ने भोपाल में बैठक की आयोजित
.राम संगठन ने फस्र्ट फार्मर योजनाओं को लेकर उठाए सवाल
.कुलपति को मोबाईल फोन पर ही दे दी थी ओएसडी की नियुक्ति
.रजिस्टार जी.पी.पाण्डेय को देहरादून से रहकर हटा दिया तथा डॉ.जोशी को पदभार दे दिया।








