जबलपुर। सीबीएसई के अनुसार, 10वीं के छात्रों की कॉपी टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) और 12वीं के छात्रों की कॉपी पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) जांचते हैं। इन शिक्षकों को 10 से 15 साल का शिक्षण अनुभव होना जरूरी है। सबसे पहले शिक्षकों से सैंपल के तौर पर कुछ उत्तर पुस्तिकाएं जंचवाई जाती हैं। इसके बाद मूल उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू होता है। हर शिक्षक 6 से 7 घंटे में अधिकतम 25 कॉपियां एक दिन में चेक कर पाता है। शिक्षकों को निर्देश दिया जाता है कि कॉपी जांचने के दौरान वह जिस प्रश्न के जवाब में अंक दे रहे हैं, उसे उत्तर पुस्तिका के सबसे पहले पेज पर मार्किंग बॉक्स में भरते चलें। इसके बाद मूल्यांकन केंद्र पर ही बोर्ड की ओर से सॉफ्टवेयर लगाया गया है, जहां से बार कोड के अनुसार कॉपी पर मिले अंकों को सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाता है। जिस दिन परिणाम जारी होता है, उसी दिन छात्र के अंकों को डिकोड किया जाता है।उत्तर पुस्तिका व विषयों में मिले परिणामों का तुलनात्मक अध्ययन कर गलती को इंगित करेगा सॉफ्टवेयर।