काम तमाम: मैं मेहनत करके परिवार को पाल रहा था, वो सुखवेंद्र से इश्क लड़ाती रही
काम तमाम: मैं मेहनत करके परिवार को पाल रहा था, वो सुखवेंद्र से इश्क लड़ाती रही। औरैया जिले के दोहरे हत्याकांड में पुलिस हिरासत में आए आरोपी शोभाराम ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल किया। शोभाराम एसपी से बोला कि मैडम, पत्नी ने बेवफाई की, जब मै सुखवेंद्र को मार रहा था उसे बचाने के लिए पत्नी कई बार दौड़ी। बार-बार वह यही कह रही थी हाय मेरे राजा को मत मारो। बस में इसी बात से मुझे और गुस्सा आ गया। शादी के दस साल हो गए, उसने मुझसे कभी मेरे राजा नहीं कहा।
उस समय उसकी आंखों में किसी भी बात का डर नहीं था और न ही अपने किए का पछतावा हो रहा था। पुलिस जब उसे थाने के लॉकअप में ले जाने लगी तो उसने एक बार यह जरूर पूछा कि उसका बेटा देव (5) व छह माह की बेटी एंजल कहा है। इस पर उसे बताया गया कि दोनों सुरक्षित जगह हैं।
खाने में मिलाया नशीला पदार्थ
पुलिस हिरासत में शोभाराम ने बताया कि बुधवार शाम सात बजे के करीब वह घर पर काम करके लौटा था। जब घर आया तो पत्नी छत पर थी। वह स्वयं खाना निकाल कर खाने बैठा। इस पर पत्नी ने कहा खाने में नमक कुछ कम है। वह समझ नहीं पाया और पत्नी ने कुछ मिला दिया। खाना खाने के बाद से ही उसे नींद आने लगी।
पत्नी और उसके प्रेमी की हत्या के बाद शोभाराम ने पुलिस को स्वयं जानकारी दी। कहा कि अब वह सुकून महसूस कर रहा है। पुलिस को बताया कि यदि वह सुखवेंद्र और पत्नी की हत्या न करता तो खुद मारा जाता। उसने पुलिस के सामने कहा कि पहले उसने सुखवेंद्र पर वार किया तो वह बेहोश हो गया।
सहायल थाना क्षेत्र के ताजपुर छौंक के मजरा नंदपुर के रहने वाले सुखवेंद्र की हत्या के बाद मां मीना देवी, पिता लायक सिंह व भाइयों कुलदीप, रिंकू का बुरा हाल रहा। परिवार के लोग उन्हें ढांढस बंधाते दिखे।
रागिनी के तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी चांदनी(9) कुछ दिन पहले ही अपने ननिहाल कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र के गांव झकरगढ़ा गई है। रागिनी के साथ पांच वर्ष के बेटा देव व छह माह की बेटी एंजल थी।
रागिनी और सुखवेंद्र की हत्या के बाद गांव में तनाव की स्थिति रही। लोग तरह तरह की चर्चाएं करते दिखे। दोनों के अलग अलग जाति के होने के कारण दोनों वर्ग के लोग आक्रोशित भी थे। मगर कोई खुलकर कुछ नहीं बोल रहा था। रागिनी के घर पर जहां सन्नाटा पसरा था।

