कश्मीर के लोग अतीत को भूलकर भविष्य की सोचें, वहां अपार संभावनाएं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को अतीत भूलकर भविष्य के लिए मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। वहां अपार संभावनाएं हैं।
कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को भविष्य देखना चाहिए न कि अतीत में जीना चाहिए।
जस्टिस कौल ने ये तमाम टिप्पणियां जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मियां अब्दुल कय्यूम को हिरासत में रखने के मामले पर सुनवाई के दौरान की। पीठ ने न केवल कय्यूम से भविष्य में और अधिक रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया बल्कि कश्मीर के लोगों और सरकार को भी सलाह दी।
इस दौरान वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि अगर कश्मीर सुरक्षित हो तो वह कश्मीर जाना चाहते हैं, जिससे कि वहां की खूबसूरती की तुलना स्विट्जरलैंड से की जा सके। इस पर जस्टिस कौल ने कहा कि आपको जरूर जाना चाहिए। कुछ हिस्सा ही अशांत है, बाकी बहुत अच्छा है।
जस्टिस कौल ने यह भी कहा कि भारत में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार को इस दिशा में प्रयास करना चाहिए। हमें पता है कि कोरोना काल में हमारा यह कहना अजीब लग रहा होगा, लेकिन यह समय भी बीत जाएगा। सब कुछ ठीक हो जाएगा।

