Katni Jal Jeevan Mission: कटनी के जिर्री गाँव में नल-जल योजना से दूर हुआ पानी का संकट; घर-घर पहुँच रहा शुद्ध पेयजल, महिलाओं को मिली बड़ी राहत
कटनी: मध्य प्रदेश के कटनी जिले के ग्रामीण अंचलों में ‘हर घर जल’ का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। विकासखंड ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जिर्री में ग्रामीणों को स्वच्छ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देशन में नल-जल योजना को पूरी तरह चालू कर दिया गया है।
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गाँव में पानी की नई उच्च स्तरीय टंकी और संपवेल (Sumpwell) का निर्माण कार्य पूरा होते ही अब ग्रामीणों को उनके घर पर ही नियमित रूप से नल के जरिए पेयजल मिलना शुरू हो गया है।
50 हजार लीटर की टंकी से हो रही है जलापूर्ति
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा जिर्री गाँव में पानी के भंडारण और सुचारू सप्लाई के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है:
- उच्च स्तरीय पानी टंकी: गाँव में 50 किलोलीटर (50,000 लीटर) क्षमता की ओवरहेड पानी की टंकी का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
- संपवेल का निर्माण: इसके साथ ही पानी के स्टोरेज के लिए 20 किलोलीटर (20,000 लीटर) क्षमता का संपवेल भी बनाया गया है।
- नियमित सप्लाई: पीएचई के कार्यपालन यंत्री (Executive Engineer) ने बताया कि गुरुवार सुबह ही इस नई टंकी को पूरा भरकर ग्रामीणों को पर्याप्त दबाव के साथ पानी की सप्लाई की गई।
पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने पर भी विभाग ने दिखाई तत्परता
रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में जिर्री ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा चबूतरा निर्माण कार्य कराया जा रहा था, जिस दौरान गाँव की मुख्य पाइपलाइन एक जगह से टूट (क्षतिग्रस्त) हो गई थी। पाइपलाइन फटने से पानी की सप्लाई में कुछ समय के लिए बाधा जरूर आई, लेकिन पीएचई विभाग ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था संभाली ताकि ग्रामीणों को पानी के लिए तरसना न पड़े। Katni Jal Jeevan Mission: कटनी के जिर्री गाँव में नल-जल योजना से दूर हुआ पानी का संकट; घर-घर पहुँच रहा शुद्ध पेयजल, महिलाओं को मिली बड़ी राहत
वाटर लेवल गिरा, तो वरदान बनी नल-जल योजना
गर्मियों के मौसम में भू-जल स्तर (Ground Water Level) नीचे खिसकने के कारण हैंडपंपों ने साथ छोड़ना शुरू कर दिया था, ऐसे समय में यह सरकारी योजना ग्रामीणों के लिए बड़ा सहारा बनी:
- 9 हैंडपंप अब भी चालू: गाँव में कुल 12 हैंडपंप स्थापित हैं, जिनमें से 3 हैंडपंप वाटर लेवल गिरने के कारण सूख गए हैं, जबकि 9 हैंडपंप अभी भी पूरी तरह चालू हालत में हैं।
- दूर हुई महिलाओं की परेशानी: नल-जल योजना शुरू होने से पहले गाँव की महिलाओं और बुजुर्गों को पानी भरने के लिए चिलचिलाती धूप में दूर जाना पड़ता था। अब घर के दरवाजे पर ही पानी मिलने से उनके समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में किए जा रहे इस तरह के विस्तार से न केवल कटनी के गाँवों की बुनियादी ढांचागत स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर (Quality of Life) में भी बड़ा सुधार आ रहा है।

