Thursday, May 28, 2026
Latest:
Latest

PM Rahat Yojana 2026: सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए वरदान बनी ‘पीएम राहत योजना’, मिलेगा ₹1.5 लाख तक का मुफ्त कैशलेस इलाज, जानें नियम

कटनी (28 मई): भारत सरकार ने देश में सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। केंद्र सरकार द्वारा देश भर में ‘पीएम राहत योजना’ (सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार) को प्रभावी ढंग से लागू कर दिया गया है।PM Rahat Yojana 2026: सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए वरदान बनी ‘पीएम राहत योजना’, मिलेगा ₹1.5 लाख तक का मुफ्त कैशलेस इलाज, जानें नियम

इस योजना के तहत किसी भी सड़क हादसे का शिकार हुए पीड़ित व्यक्ति को ₹1,50,000 (डेढ़ लाख रुपये) तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज दिया जाएगा। यह इलाज सभी सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ योजना के अंतर्गत चिन्हित (पैनल में शामिल) प्राइवेट अस्पतालों में भी पूरी तरह मुफ्त मिलेगा।

‘गोल्डन ऑवर’ (पहले 1 घंटे) में जान बचाना है मुख्य लक्ष्य

भारत में हर साल सड़क हादसों में लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं, जिनमें से कई मौतों को अगर समय पर डॉक्टरी सहायता मिले तो रोका जा सकता है।

  • 50% मौतें टल सकती हैं: चिकित्सा विशेषज्ञों और सरकार का मानना है कि यदि दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को हादसे के पहले ‘एक घंटे’ (Golden Hour) के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो करीब 50 प्रतिशत मौतों को टाला जा सकता है।

  • मदद के लिए डायल करें 112: दुर्घटना स्थल पर मौजूद कोई भी राहगीर या प्रत्यक्षदर्शी तुरंत 112 नंबर पर डायल करके सबसे नजदीकी नामित (Empaneled) अस्पताल की जानकारी ले सकता है और तुरंत एम्बुलेंस सहायता बुला सकता है।PM Rahat Yojana 2026: सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए वरदान बनी ‘पीएम राहत योजना’, मिलेगा ₹1.5 लाख तक का मुफ्त कैशलेस इलाज, जानें नियम

 क्या हैं ‘पीएम राहत योजना’ के मुख्य नियम और शर्तें?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ बेहद सरल और पारदर्शी नियम तय किए हैं:

  • उपचार की अवधि: सड़क पर हुई किसी भी दुर्घटना के पात्र पीड़ित को हादसे की तारीख से अधिकतम 7 दिनों की अवधि तक ₹1.5 लाख का कैशलेस इलाज मिलेगा।

  • स्टेबलाइजेशन ट्रीटमेंट: अगर मामला जीवन के लिए बहुत ज्यादा घातक (Critical Case) है, तो मरीज को स्थिर करने के लिए अधिकतम 48 घंटे तक और सामान्य मामलों में अधिकतम 24 घंटे तक ‘स्टेबलाइजेशन उपचार’ उपलब्ध कराया जाएगा।

  • डिजिटल पुलिस वेरिफिकेशन: यह पूरी सुविधा एक एकीकृत डिजिटल प्रणाली (Integrated Digital System) के जरिए संचालित होगी, जो पुलिस प्रमाणीकरण (Verification) के अधीन काम करेगी ताकि किसी भी स्तर पर धोखाधड़ी न हो सके।

पैसों की तंगी से नहीं जाएगी किसी की जान

अक्सर देखा जाता है कि प्राइवेट अस्पतालों में तुरंत पैसे न जमा हो पाने या वित्तीय अड़चनों के कारण घायलों को समय पर जीवनरक्षक इलाज नहीं मिल पाता है। ‘पीएम राहत योजना’ इसी अंतर को पाटने का काम करेगी। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत करने और दुर्घटनाओं में बहुमूल्य मानवीय जीवन को बचाने की दिशा में केंद्र सरकार का यह फैसला एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम साबित होगा।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि